बरवाला (हिसार)। शहर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की छात्राओं ने कार्यरत एक महिला अनुदेशक पर स्वयं के घर पर काम कराने सहित अन्य कई आरोप लगाए हैं। इस संबंध में छात्राओं ने आईटीआई के प्रधानाचार्य को भी शुक्रवार को पत्र सौंपा। इसमें छात्राओं ने बताया कि पिछले कई दिनों से महिला प्रशिक्षक उनका शारीरिक व मानसिक शोषण कर रही हैं। प्रधानाचार्य ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। छात्राओं का आरोप है कि महिला अनुदेशक उनके चरित्र पर भी लगातार सवाल उठा रही हैं व उन्हें समाज में बदनाम करने का भय दिखा रही हैं। वे उनका नाम कटवाने व प्रैक्टिकल में नंबर न लगाने का डर दिखाकर अपने घर भेजकर घर की सफाई, झाड़ू आदि कार्य करवाती हैं। वे छात्राओं को नहर पर कपड़े तक धोने के लिए भेजती हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करती हैं। छात्राओं ने इसका वीडियो भी शनिवार को अपने अभिभावकों व मीडिया से साझा किया है।औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य प्रवीन डाबला शनिवार को बैठक में भाग लेने के लिए बाहर गए थे। उन्होंने मामले की जांच के लिए शुक्रवार को ही पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में देवानंद, राजेश कुमार, सुनीता शर्मा, सुशीला देवी व शमशेर सिंह आदि शामिल हैंं। कमेटी मामले पर दोनों पक्षों से जानकारी जुटाएगी। फिलहाल महिला अनुदेशक तीन दिन की मेडिकल लीव पर हैं। छात्राओं के अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार करने वाली महिला अनुदेशक को बर्खास्त किया जाना चाहिए। आईटीआई में मौजूद स्टाफ ने परिजनों को जांच पूरी करने के लिए सोमवार तक का समय दिया है। इस मौके पर भीम आर्मी के अध्यक्ष बीरबल, गवर्नमेंट काॅलेज से छात्र संगठन प्रधान सुनील सोनी, अमित कुमार, मानव शांति संगठन संस्थान से सचिंद्र दयाल व कई अभिभावक मौजूद रहे।