हिसार। सिरसा बाईपास पीरबाबा की मजार पर गई 75 वर्षीय महिला ओमी देवी को एक गाय ने सींग पर उठाकर जमीन पर पटक दिया। महिला का शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़ कर आए और महिला को छुड़वाया। घायल महिला को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। महिला की कमर और गर्दन पर चोट आई हैं।
सिरसा मार्ग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी बानो देवी ने बताया कि रविवार सुबह उसकी सास ओमी देवी बच्चों को अपने साथ पीरबाबा की मजार पर गई थी। पार्क के गेट के पास गायों का झुंड था। इसी दौरान एक गाय उसकी सास के निकट आई और उन्हें सींग पर उठाकर पटक दिया। बुजुर्ग महिला की हालत गंभीर है।
पिछले वर्ष बेसहारा पशु के कारण हुए हादसे
6 जनवरी 2022 को आजाद नगर में गाय से टकराकर बाइक सवार होमगार्ड जवान धर्मबीर सिंह की मौत हो गई थी।
- 10 मार्च 2022 को शहर के योग नगर में गाय ने 69 वर्षीय राजकुमार खट्टर को पटककर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- 19 मार्च 2022 को 12 क्वार्टर एरिया निवासी प्रशांत को गाय ने रौंदकर कर घायल कर दिया था।
- 18 जुलाई 2022 को टिब्बा दानाशेर में गाय की टक्कर से 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी।
- 30 जुलाई 2022 को शास्त्री नगर में 80 वर्षीय ज्ञानचंद पर सांड़ ने हमला कर घायल किया था।
- 02 अगस्त 2022 को सेक्टर 27-28 के पास बेसहारा पशु से टकरा स्कूटी सवार युवक सचिन घायल हुआ था।
- 6 अगस्त को पुष्पा कॉम्प्लेक्स के पास सांड़ की टक्कर से अर्बन एस्टेट टू निवासी मनीष देव घायल हो गए थे।
- 10 अगस्त को वार्ड 6 में सब्जी विक्रेता को गाय ने टक्कर मारकर घायल किया।
- 12 अगस्त को 12 क्वार्टर स्थित किशनदत ढाणी में 70 वर्षीय महिला चंद्रवती देवी को गाय ने टक्कर मारकर घायल कर दिया था।
- 17 अगस्त को डोगरान मोहल्ला में 75 साल के बुजुर्ग को गाय ने टक्कर मारी, चेहरे पर आईं चोटें।
- 6 सितंबर को न्यू अग्रवाल कॉलोनी में गाय ने बुजुर्ग महिला को टक्कर मारकर घायल किया।
यूं चले अभियान तो बने बात
- पशु पकड़ने का अभियान एक की बजाय दो शिफ्ट में चलाया जाए।
- दोनों गाड़ियों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएं। इन टीमों के साथ पूरी संख्या में पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे।
- पशु पकड़ने में बाधा डाल रहे पशुपालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- शहर में बने अवैध पशु बाड़ों पर कार्रवाई की जाए।
- शहर में बेसहारा पशुओं के लिए चारा डालने वालों पर भी कार्रवाई की जाए।
कर्मचारी पर हमला होने के बाद बंद पड़ा है अभियान
उधर 16 फरवरी से शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान बंद पड़ा है। 15 फरवरी को पशुपालकों ने निगम की पशु पकड़ने वाली टीम के कर्मचारी पर हमला कर घायल कर दिया था। टीम ने यह कहते हुए अभियान बंद कर दिया था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक यह अभियान बंद रहेगा।
शहर बेसहारा पशुओं को पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। वोटों की राजनीति के कारण इस समस्या के दोषी लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। निगम को सभी अवैध पशु बाड़ों पर कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अलावा पशुओं को दौड़ाने वाले बाइक सवारों के खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए। शहर में 52 पशुपालक हैं, जिनके पशु शहर में घूमते हैं। - अमित ग्रोवर, पार्षद, वार्ड 14
यह समस्या वाकई काफी गंभीर है। इसे लेकर पार्षद एक-दो दिन में निगमायुक्त से मुलाकात करेंगे और इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर चर्चा करेंगे। - अनिल जैन, पार्षद, वार्ड 1
निगम की तरफ से पशु पकड़े जा रहे हैं। बाधा पहुंचाने वाले पशुपालकों के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया जा रहा है। इस मामले में ठोस कानून बनाने की जरूरत है, जो विधानसभा ही बना सकती है। - गौतम सरदाना, मेयर