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Hisar News: मुख्यमंत्री की जज पर की टिप्पणी का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

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हिसार। दो दिन पूर्व भिवानी जिले के खरक कलां गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से हाईकोर्ट के एक जज के खिलाफ की गई टिप्पणी का मामला तूल पकड़ गया है। पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी और हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के प्रदेश चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने इस मामले में हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट को शिकायत भेजकर मुख्यमंत्री के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि हम वकील हैं जो कि ऑफिसर ऑफ दी कोर्ट होता है। इस वजह से हमें भी पीड़ा हुई है। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि 2 अप्रैल को भिवानी जिले के खरक कलां गांव में सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह कहकर अदालत की आपराधिक अवमानना की थी कि एक जज है, उसके माथे में कुछ गड़बड़ है। यह बात राज्य पुलिस में कांस्टेबलों के नियुक्ति पर रोक लगाने के संदर्भ में कही थी। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए सीधा खतरा है और सीधे तौर पर यह अदालत की आपराधिक अवमानना है।

बाबुल सुप्रियो बनाम पश्चिम बंगाल के फैसले का दिया हवाला

अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री न्यायपालिका के कामकाज में सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर रहे हैं और उन्हें निवारक सजा दी जानी चाहिए, जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की गरिमा के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा। उन्होंने इस संबंध में इसी तरह के मामले में दिए गए एक फैसले को बाबुल सुप्रियो बनाम पश्चिम बंगाल राज्य और अन्य का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में 14 अक्टूबर 2020 में यह माना गया है कि लोगों के प्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपने व्यवहार में विनम्र, अपने शिष्टाचार में गरिमापूर्ण और उनके द्वारा बोले गए शब्दों पर सतर्क रहें।
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