हिसार। शहर के पॉश इलाके अर्बन एस्टेट में कुत्तों का आतंक इस कदर है कि लोगों को हर पल इनके काटने का भय सताता रहता है। मुख्य सड़कों पर ही नहीं रात में कॉलोनियों के गेट बंद होने पर अंदर भी लोग सुरक्षित नहीं है। सड़क चलते दुपहिया सवारों के पीछे दौड़ते कुत्ते हादसों का कारण बनते हैं। लोग नगर निगम के संज्ञान में कई बार इस समस्या को ला चुके हैं, लेकिन इन्हें पकड़ने की जहमत अब तक नहीं उठाई गई है। आलम यह है कि घरों के दरवाजों पर भी कुत्तों का जमावड़ा दिखता है। इस स्थिति में बच्चे और महिलाए घर से बाहर निकलने में कतराते हैं। पार्कों में भी कुत्ते घूमते हैं। इस कारण बच्चे खेलने से बचते हैं। कुत्ते हमला नहीं कर दे, इसके लिए बुजुर्ग और महिलाएं बच्चों के साथ शाम को पार्क में आने बचती हैं। इसके अलाव कचरा निस्तारण भी बड़ी समस्या है। पिछले चार-पांच दिन से घर-घर कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित नहीं आ रही। कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से लोग तीन-चार दिन का गीला कचरा घरों में रखने को मजबूर होते हैं। सड़कों पर और कॉलोनियों में बेसहारा पशु घूमते रहते हैं, इनसे भी चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। अग्रवाल सेवा समिति के अध्यक्ष जय कुमार बंसल ने बताया कि शहर के सबसे पॉश इलाके की हालत बस्तियों जैसी है। कुत्ते, बेसहारा पशु, बंदरों के उत्पात से लोग बुरी तरह परेशान हैं। ताज्जुब है कि इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रहा। वीरेंद्र गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, जय भगवान, अश्विनी गर्ग, नीरज बंसल आदि ने बताया कि नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी महज वादे कर वोट लेकर चले जाते हैं, लेकिन बाद में आमजन की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देता। नगर निगम को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। इस चुनाव में जो भी प्रत्याशी हैं, उन्हें जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करवाना चाहिए।