संपत सिंह की रैली में कांग्रेसी ही कांग्रेसियों पर बरसते नजर आए। मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी ने खुले तौर पर कहा कि कांग्रेस में रहकर गद्दारी करने वालों को सबक सिखाना होगा। कांग्रेस छोड़कर जाने वालों की दस साल तक इंट्री बैन होनी चाहिए। आक्रामक मूड में रामकिशन फौजी ने कहा कि जो कांग्रेस छोड़कर गया, उसे कड़ा सबक देने की जरूरत है। कुछ लोग जिन्होंने दस साल कांग्रेस में माल उड़ाया, अब छोड़कर भाग गए। ऐसे लोग कुछ समय बाद फिर से कांग्रेस में आकर टिकट के दावेदार हो जाएंगे। इस तरह के लोगाें का पक्का इलाज करना होगा। जब तक इलाज नहीं होगा तब तक सच्चे कार्यकर्ताओं को मायूसी रहेगी। घर में रहकर घर को कमजोर करने वालों की पहचान करें। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। फौजी के बाद संबोधन करने आए राजेंद्र सूरा ने भी उनकी ताल में ताल मिलाते हुए कहा कि कांग्रेस में रहकर गद्दारी करने वालों से सख्ती से निपटा जाए। अनुशासनहीनता किसी सूरत में सहन न की जाए। राज्यसभा सदस्य बीरेंद्र सिंह ने कहा कि संपत सिंह ने उन्हें संभलकर बोलने की नसीहत दी। यह नसीहत उन्हें पसंद नहीं। इस तरह की राजनीति नहीं करते। पिछले 42 साल से कांग्रेस में हूं। 1984 में मैने ही हिसार में ओमप्रकाश चौटाला को पराजित कर रिकॉर्ड बनाया था। 9 साल कांग्रेस में रहकर मौज उड़ाई मौका आया तो दूसरी पार्टी में चले गए। ऐसे लोगों से कांग्रेस अध्यक्ष और सीएम को निपटना होगा। जब तक इनसे नहीं निपटेंगे तब तक सही काम नहीं हो सकेगा। कांग्रेस की फूट पर सीएम ने कहा कि चुस्त हो जाओ। जो चुस्त नहीं होगा मैं उसके लिए चुस्त हो जाऊंगा। कांग्रेस में गुटबाजी में कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने अधिक तो नहीं कहा लेकिन यह जरूर कहा कि विधानसभा टिकट में प्रत्याशी के हलके से कांग्रेस से मिले वोट आधार बनाए जाएंगे।