बास। नारनौंद क्षेत्र के गांव खांडा खेड़ी में धोखाधड़ी के मामले के आरोपी को पकड़ने आई राज्य अपराध शाखा कुरुक्षेत्र पुलिस टीम के साथ मारपीट कर आरोपी को छुड़वाकर मौके से भगा दिया। नारनौंद थाना पुलिस ने आरोपी लखन के माता-पिता व पत्नी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राज्य अपराध शाखा कुरुक्षेत्र में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात रामफल ने बताया कि बुधवार दोपहर को हरियाणा राज्य अपराध शाखा कुरुक्षेत्र की टीम नारनौंद क्षेत्र के गांव खांडा खेड़ी में धोखाधड़ी के आरोपी लखन को गिरफ्तार करने के लिए आई थी। उनकी टीम में शामिल एएसआई संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल कुलबीर सिंह, महिला हेड कांस्टेबल रितु रानी, एसपीओ सिपाही कृष्ण कुमार व सिपाही रविंद्र कुमार के साथ 11 अप्रैल 2023 के एक मामले में लखन को गिरफ्तार करने के लिए गांव खांडा खेड़ी में टीम करीब 1:20 बजे पहुंची। टीम ने जब आरोपी को पकड़ने के लिए उसके घर पर छापा मारा तो आरोपी घर पर ही मौजूद था। टीम ने जब परिवार के लोगों को बताया कि आरोपी लखन को धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए लेकर जाना है। उसे समय घर पर आरोपी लखन के पिता सुखबीर, उसकी मां सुनीता देवी व उसकी पत्नी घर पर मौजूद थीं। जब पुलिस टीम आरोपी लखन को गिरफ्तार कर उसको लेकर जाने लगी तो उसके पिता सुखबीर, मां सुनीता देवी, उसकी पत्नी व अन्य परिजनों और पड़ोसियों ने लाठी डंडों से रास्ता रोककर आरोपी लखन को छुड़वाकर मौके से भगा दिया। जब उनकी टीम वहां से नारनौंद पुलिस थाने में आने लगी तो उसके पिता सुखबीर, उसकी मां सुनीता देवी, उसकी पत्नी, अन्य परिजनों और पड़ोसियों ने सरकारी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी। नारनौंद थाना पुलिस ने सब इंस्पेक्टर रामफल की शिकायत पर सुखबीर, सुनीता देवी, लखन की पत्नी, अन्य परिजनों व पड़ोसियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी की जगह अदालत में पेश होने आया युवक पकड़ा
अपने परिचित की जगह अदालत में पेश होने आया युवक स्टाफ की सतर्कता से पकड़ा गया। कोर्ट स्टाफ ने बाद में अनिल नामक युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। सिविल लाइन पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता विजयपाल ने पुलिस को शिकायत देकर कहा कि एएसजे सुनील जिंदल का रीडर मेडिकल लीव पर होने के कारण मैं उनकी जगह कार्य कर रहा हूं। नारनौंद थाना में 2 जुलाई 2012 को दर्ज हुए एक केस में बुधवार को सुनवाई थी। मैं आरोपियों की हाजिरी लगवा रहा था। इस दौरान आरोपी नवनीत की जगह व्यक्ति ने हस्ताक्षर किए। जब उस व्यक्ति से जन्म तिथि, पिता का नाम व पता पूछा तो वह हिचकिचाने लगा। दोबारा पूछा तो वह बताने में असमर्थ था। बाद में पूछा तो उसने अपना नाम अनिल बताया और उसके साथ अन्य आरोपियों ने भी उसका का नाम अनिल बताया। अनिल ने बताया कि वह दो तारीख से नवनीत की जगह अदालत में आ रहा है। नवनीत के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह बीमार है। उससे आईडी मांगी गई तो उसने मना कर दिया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में नामजद के खिलाफ केस दर्ज किया है।