हिसार। शहर के सिटी थाने के सामने प्रस्तावित मल्टी स्टोरी पार्किंग प्रोजेक्ट को लेकर कंसलटेंट ने सर्वे पूरा कर लिया है। अब सर्वे रिपोर्ट को कमेटी ऑफ सेक्रेटरी ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर (सीओएसआई) के सामने रखी जाएगी। कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद ही नगर निगम की तरफ से इसके निर्माण को लेकर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के 8 साल बाद प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।
बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मनोहर लाल 29 दिसंबर 2014 में पहली बार हिसार आए थे। उस दौरान उन्होंने शहर के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद निगम ने जमीन तलाशनी शुरू की। वर्ष 2018 में निगम को सिटी थाने के सामने जीएलएफ की 2 एकड़ एक कनाल 12 मरला जमीन मिली। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार को बजट उपलब्ध करवाना था। मगर वर्ष 2019 में निगम ने इसे पीपीपी मोड पर बनवाने का फैसला किया। वर्ष 2020 में निगम प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को सरकारी बजट से ही सिरे चढ़ाने का फैसला किया। इसी वर्ष सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट की असमर्थता जता दी। इसके बाद निगम ने इसे फिर से पीपीपी मोड से ही बनाने का निर्णय लिया। गुरुग्राम की तर्ज पर यह प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।
निगम को दोबारा से करवाना पड़ा सर्वे
इस प्रोजेक्ट को पीपीपी मोड से बनाने के फैसले के बाद निगम अधिकारियों ने 2018 की सर्वे रिपोर्ट को सीओएसआई को भेजा था। मगर कमेटी ने इस पर आपत्ति जताते हुए नए सर्वे के आधार पर रिपोर्ट भेजने को कहा था। इसके बाद निगम ने दोबारा से सर्वे करवाया। इस सर्वे में कंसलटेंट ने वर्तमान समय में प्रस्तावित निर्माण स्थल के आसपास जमीन के क्या रेट है। इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में कितना खर्च आएगा। जिस एजेंसी को यह टेंडर अलॉट किया जाएगा, वह किस तरह प्रोजेक्ट की लागत की वसूली करेगी।
99 साल के पट्टे पर दी जाएगी जमीन
इस प्रोजेक्ट की एवज में एजेंसी को 99 साल के पट्टे पर यह जमीन दी जाएगी। निगम अधिकारियों के अनुसार इसमें तीन मंजिला बेसमेंट के ऊपर चार मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। बेसमेंट का इस्तेमाल नगर निगम करेगा। वहीं चार मंजिला भवन का एजेंसी व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करेगी। इस हिस्से में एजेंसी अपने हिसाब से निर्माण करेगी। इसके अलावा इसमें एक बैंक्वेट हॉल का निर्माण भी किया जाएगा।
प्रोजेक्ट को लेकर दोबारा से सर्वे कर लिया गया है। अब इस सर्वे रिपोर्ट (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) सीओएसआई के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
-संदीप धुंधवाल, एक्सईएन, नगर निगम