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Haryana: सोनाली फोगाट की बहन रुकेश आदमपुर से लड़ेंगी उपचुनाव, पार्टी अभी तय नहीं

Mon, 26 Sep 2022 01:51 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

सोनाली के परिजन बोले कि अभी तय नहीं किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। 23 अक्तूबर को आदमपुर में जनसभा  बुलाई जाएगी। सर्वखाप पंचायत में रुकेश को सोनाली की राजनीतिक विरासत सौंपी गई थी।
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Sonali Phogat - फोटो : Social Media
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विस्तार
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हरियाणा के हिसार जिले के आदमपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सोनाली फोगाट के परिवार ने उनकी राजनीतिक विरासत अब उनकी बहन रुकेश पूनिया को सौंप दी है। इसके साथ ही परिवार ने उपचुनाव लड़ने का फैसला लिया है। उपचुनाव में सोनाली की बहन रुकेश फोगाट नया चेहरा होंगी। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि रुकेश पूनिया किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी। वहीं, रुकेश के चुनावी मैदान में उतरने से अब पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की चुनौतियां बढ़ गई हैं। 

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उपचुनाव को लेकर 23 अक्तूबर को आदमपुर में जनसभा बुलाई गई है। शनिवार को जाट धर्मशाला में आयोजित सर्वखाप पंचायत में रुकेश को सोनाली की राजनीतिक विरासत सौंपी गई थी। रविवार को उपचुनाव लड़ने के बारे में रुकेश के पति अमन पूनिया से बातचीत हुई तो उनका कहना है कि आदमपुर उपचुनाव को लेकर रुकेश ने तैयारी शुरू कर दी।

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महापंचायत में उपस्थित सोनाली की बेटी यशोधरा, बहन रुकेश व अन्य परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
जल्द ही आदमपुर हलके के लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर दिया जाएगा। उपचुनाव लड़ने को लेकर रणनीति बनाई जा रही हैं। उनका कहना है कि रुकेश पूनिया 2012 से ही सोनाली फोगाट के साथ भाजपा में रही हैं। वह सोनाली फोगाट के साथ उनके कार्यक्रमों में जाती थी। रुकेश खुद अपना एक बुटीक चलाती है। उपचुनाव को लेकर सोनाली के भाइयों से भी चर्चा की जा रही है। 

वर्ष 1968 से कोई नहीं तोड़ पाया भजनलाल का गढ़
आदमपुर हलका पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल का गढ़ रहा है। उनका किला अभी तक कोई भेद नहीं पाया है। वर्ष 1968, 1972, 1982 में भजनलाल ने यहां से चुनाव जीता। वर्ष 1987 में भजनलाल की पत्नी जसमा देवी ने चुनाव जीता। 1990, 1996, 2005 से दोबारा से भजनलाल इस सीट से चुनाव जीते। 2009 में कुलदीप बिश्नोई की पत्नी रेणूका बिश्नोई और 2014 व 2019 में कुलदीप बिश्नोई चुनाव जीत चुके हैं। हरियाणा बनने के बाद आज तक पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल का गढ़ कोई नहीं गिरा पाया है। कई दिग्गज नेता इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन सभी को मात खानी पड़ी। वर्ष 2019 में भाजपा की टिकट से सोनाली फोगाट ने ताल ठोकी थी, लेकिन वह हार गई थीं। 
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