हिसार, आदमपुर। देर रात दो बजे नीम अड्डे के पास बेकाबू रफ्तार ने छह जिंदगियां छीन ली। सुबह 6 बजे एक किसान ने हादसे में क्षतिग्रस्त कार को देखा तो एक युवक की सांसें थम रही थी। चार घंटे वह दर्द से तड़पता रहा। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। रात भर रास्ते से वाहन गुजरते रहे होंगे। अगर किसी ने भी वक्त रहते युवकों को संभाल लिया होता तो शायद किसी को जान बचाई जा सकती थी। इस खतरनाक हादसे के बाद किशनगढ़ और खारा बरवाला गांव में मातम छा गया है। दूल्हे के छह दोस्तों की मौत से खुशियां मातम में बदल गई। सभी मृतक अविवाहित थे। वहीं राजस्थान निवासी भुनेश गंभीर रूप से घायल है। उसका इलाज चल रहा है।
तीन बहनों से छीना इकलौता भाई तो एक परिवार का बुझ गया चिराग
गांव किशनगढ़ निवासी करीब 25 वर्षीय अरविंद्र तीन बहनों का इकलौता भाई था। करीब 5 साल पहले उसके पिता की भी मौत चुकी है। अरविंद की गांव में कनफेक्शनरी की दुकान है। वहीं गांव के 25 वर्षीय अशोक दो भाई हैं। अशोक महाराष्ट्र में किसी निजी कंपनी में जॉब करता था। मृतक दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। दीपक की एक बहन है। दीपक प्राइवेट कंपनी में नौकरी था। इसके अलावा 21 वर्षीय अभिनव बीटेक का छात्र था। वहीं गांव खारा बरवाला निवासी 23 वर्षीय शोभित व सागर ने आदमपुर गवर्नमेंट कॉलेज से बीए की पढ़ाई की। शोभित के पिता मजदूर हैं। उसके दो भाई हैं। मृतक सागर का एक भाई व दो बहनें हैं। नागरिक अस्पताल में मौजूद दोस्ताें ने बताया कि सागर विदेश जाने के लिए आइलेट जबकि शौभित एसएससी की तैयारी कर रहा था। दोनों सरकारी नौकरी लगने के बाद अपने माता-पिता का सहारा बनना चाहते थे।
ग्रामीण बोले- नीम अड्डा हमारे लिए मनहूस जगह
आदमपुर में नीम अड्डा की जगह को ग्रामीणों ने मनहूस बताया। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले नीम अड्डा के पास चलती स्कूल बस में आग लग गई थी। इस दौरान चालक की सूझबूझ से 20 बच्चों को सकुशल निकाल लिया गया था। वहीं करीब 5 साल पहले एक गाड़ी पर पेड़ गिर गया था, जिसमें 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। कुछ समय पर बुलेट पर जा रहे तीन दोस्तों की हादसे में मौत हो गई थी। अब 6 दोस्तों की मौत ने उन हादसों की यादों को ताजा कर दिया। लोगों ने नीम अड्डा चौक पर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की है। शुक्रवार को घटना की सूचना मिलने के बाद लोग दौड़ कर घटना स्थल पर पहुंचे। लोगों ने शवों को कार के दरवाजों को काट कर और रस्सों से खींच कर बाहर निकाला। वहीं, किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला।
पुलिस ने की इत्तफाकिया कार्रवाई
पुलिस ने मृतक अरविंद के चाचा होशियार सिंह के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि वह गांव का नंबरदार है। 30 मार्च को उसका भतीजा अरविंद अपने दोस्त गांव किशनगढ़ निवासी अभिनव, दीपक, अशोक, गांव खारा बरवाला निवासी सागर, शोभित और राजस्थान के सूरतगढ़ निवासी भुनेश के साथ गांव किशनगढ़ निवासी हवासिंह की गाड़ी लेकर दोस्त की शादी में शामिल होने गए थे। रात को लौटते समय हादसा हो गया। गाड़ी सागर चला रहा था। होशियार सिंह ने बताया कि ऐसा लगता है कि रात के समय उनकी गाड़ी के सामने कोई बेसहारा पशु आ गया, जिसे बचाने के प्रयास में गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और छह युवाओं की सांसें थम गई।
आदमपुर थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि पुलिस ने शवों का हिसार के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए। शुक्रवार शाम को गमगीन माहौल में किशनगढ़ और खारा बरवाला में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन भुवेश की हालत गंभीर
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन भुवेश की हालत गंभीर बनी हुई है। भुनेश आपातकालीन वार्ड में भर्ती है। सदलपुर निवासी साहिल ने बताया कि भुवेश सूरतगढ़ राजस्थान का रहने वाला है। भुवेश उसकी मौसी का लड़का है। वह एक माह पहले ही मंडी आदमपुर की निजी एकेडमी में टीचर लगा था। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर जसकरण सिंह ने बताया कि घायल युवक की हालात गंभीर बनी हुई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि अनफिट होने के चलते घायल के बयान नहीं हो सके हैं।
सड़क पर लापरवाही छीन रही हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां : एडीजीपी
एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने बताया कि सड़क पर लापरवाही आए दिन हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन रही है। उन्होंने शुक्रवार को पिछले तीन वर्षों के दौरान हुए सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की। इस दौरान सामने आया कि हिसार मंडल में हर साल लगभग 700 लोग सड़क हादसे में अपनी जान गंवा रहे हैं। वर्ष 2020 से अब तक सड़क दुर्घटना में 2120 लोगों की मौत हुई।
हादसों से बचने के लिए हिदायतें
घर से निकलते समय वाहन के टायरों की हवा और तेल-पानी की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। ब्रेक और क्लच की समय पर जांच करवानी चाहिए। वाहन चलाते समय शराब का सेवन और मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। कार चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट लगाएं। मुड़ते समय इंडीकेटर का इस्तेमाल करें। अंधेरे में चमकने वाली रेडियम स्ट्रिप को वाहनों पर लगाकर दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसके अलावा बारिश के दिनों में सड़क पर पानी से फिसल हो जाती है, ऐसे में वाहन की स्पीड तेज न रखें।
हिसार मंडल मे सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा
- वर्ष 2020 मे सड़क हादसों में हिसार मंडल के पांचों जिलों में 644 लोगों की मौत हुई। हिसार में 140, हांसी में 98, जींद में 182, सिरसा में 138 व जिला फतेहाबाद में 86 लोगों की मौत हुई है ।
- वर्ष 2021 में 678 लोगों ने जान गंवाई, जिसमें हिसार में 164, हांसी में 77, जींद में 222, सिरसा में 118 व जिला फतेहाबाद में 97 लोग शामिल हैं।
- वर्ष 2022 में 681 लोगों की मौत हुई है, हिसार में 145, हांसी में 90, जींद में 185, सिरसा में 153 व जिला फतेहाबाद में 108 लोगों ने दम तोड़ा।
- वर्ष 2023 के तीन माह में हिसार मंडल के पांच जिलों में 117 लोगों ने हादसों में जान गंवाई। हिसार में 35, पुलिस जिला हांसी में 11, जींद में 39, सिरसा में 16 व जिला फतेहाबाद में 16 लोगों की मौत हुई।
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार के पास मौजूद लोग।