ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के कानूनी सलाहकार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा के खिलाफ सोशल मीडिया पर भेजे जा रहे संदेशों को लेकर रोष जाहिर किया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अभद्र टिप्पणियां करने वाले लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। खोवाल ने बताया कि पिछले दिनों केंद्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 व 35ए को जम्मू कश्मीर में खत्म करने बाबत राज्यसभा व लोकसभा में पास किए गए पुनर्गठन विधेयक पर संसद में सभी पार्टियों ने अपनी अपनी राय प्रस्तुत की। इसी तरह भारत के संविधान में अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उपयोग करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा ने भी पार्टी के स्टैंड को देखते हुए अपने विचार मीडिया के सामने प्रस्तुत किए तथा अनुच्छेद 370 व 35ए पर अपने विचार रखे। जिस पर कुछ समाज विरोधी लोगों ने सोशल मीडिया पर गुमराह करते हुए कुमारी सैलजा के बारे में अभद्र टिप्पणियां करते हुए उनका आजीवन राजनीतिक बहिष्कार करने तथा गद्दार जैसे शब्द सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। इससे कुमारी सैलजा में आस्था एवं विश्वास रखने वाले लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा अनुसूचित जाति से संबंध रखती है और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित लोकसभा क्षेत्रों से कई बार सांसद भी रह चुकी है। वर्तमान में राज्यसभा सदस्य भी हैं। ये सब तथ्य भी आम जनता की जानकारी में है। खोवाल ने प्रशासन से मांग की कि सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एससी-एसटी एक्ट, आईटी एक्ट व भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मैसेज वायरल करने वालों के खिलाफ जांच करके कानूनी कार्रवाई की जाए।