हिसार। सोनाली फोगाट वर्ष 2008 में भाजपा के साथ जुड़ी थी। वर्ष 2019 में आदमपुर विधानसभा से उन्हें टिकट मिला। कांग्रेस की ओर से लड़ रहे कुलदीप बिश्नोई के सामने चुनावी मैदान में थे। चुनाव में सोनाली को 34322 वोट मिले थे, जबकि कुलदीप बिश्नोई 29371 वोट से जीते थे। पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई के सामने चुनाव लड़ने के कारण यह सीट काफी सुर्खियों में रही।
चुनाव के बाद भी पिछले करीब पौने तीन साल से सोनाली फोगाट आदमपुर में सक्रिय थीं। वह लगातार कार्यकर्ताओं संग बैठक करतीं। कुलदीप बिश्नोई के भाजपा में आने के संकेत मिलने पर कुलदीप पर ट्वीट के जरिये लगातार हमले बोल रही थीं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि मेरी मेहनत का असर तो देख, उसे पनाह लेने मेरे ही दर पर आना पड़ा। इसे कुलदीप बिश्नोई के भाजपा में शामिल होने को लेकर देखा गया था। इसके बाद उन्होंने ट्वीटर पर लिखा कि शेरनी दो कदम पीछे हट जाए तो इसका मतलब ये नहीं होता वो डर गई। इसका मतलब है वो और खूंखार हो गई है। 15 अगस्त को उन्होंने हरियाणवी वेशभूषा में तिरंगा रैली की अगुवाई की थी।
आखिरी राजनीतिक कार्यक्रम...
सोनाली कुलदीप के खिलाफ लगातार हमले बोल रही थी। इसी बीच अचानक 18 अगस्त को कुलदीप बिश्नोई अपनी चुनिंदा टीम के साथ सोनाली फोगाट से मिलने उनके फार्म हाउस पर पहुंचे। इस भेंट का फोटो सोनाली फोगाट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर किया था। उन्होंने आदमपुर विधानसभा सीट पर अपना दावा छोड़ने से इनकार कर दिया था। 19 अगस्त को सोनाली फोगाट बिश्नोई मंदिर में आयोजित समारोह में कुलदीप बिश्नोई के परिवार के साथ नजर आई थीं। इस कार्यक्रम के कुछ फोटो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किए थे।
सुर्खियों में सोनाली फोगाट का सफर
भारतीय जनता पार्टी की नेता और टिक टॉक स्टार सोनाली फोगाट का 42 साल की उम्र में मंगलवार को गोवा में निधन हो गया। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ मॉडलिंग, एक्टिंग व एंकरिंग के क्षेत्र में शोक की लहर है। राजनीति से पहले सोनाली फोगाट एक्टिंग, एंकरिंग और मॉडलिंग के पेशे में अपना नाम बना चुकी थीं। उन्होंने वर्ष 2006 में दूरदर्शन से एंकरिंग की शुरुआत की थी।
8 अक्टूबर 2019 को आदमपुर विधानसभा में बालसमंद गांव में रैली के दौरान ‘भारत माता की जय’ का जयकारा नहीं लगाने वाले को कहा था कि पाकिस्तान से हैं क्या। बाद में उन्होंने इस बयान के लिए माफी मांग ली थी।
5 जून 2020 को उनका एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह हिसार मार्केट कमेटी के सचिव को चप्पल से मारते हुए दिखाई दी। उन्होंने कहा था कि कमेटी सचिव उनके साथ अभद्रता कर रहा था। यह मामला खाप पंचायत से लेकर अदालत तक गया था।
12 मई 2022 को हांसी में दलजीत सिसाय व उसके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। इस मामले में दलजीत सिसाय की पत्नी ने सोनाली फोगाट का नाम लिया था। हालांकि जाट आरक्षण आंदोलन के सजायाफ्ता दलजीत की पत्नी ने लिखित में शिकायत नहीं दी थी।
वर्ष 2016 में बालसमंद कॉलेज के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर सोनाली फोगाट सुर्खियों में आई थी। आरोप था जिन लोगों ने जमीन पर कब्जा किया हुआ था उन्हें सोनाली फोगाट अपने प्रभाव से बचा रही थी। कब्जा करने वाले सोनाली के ममेरे भाई हैं।
2021 में किसान आंदोलन के समय सोनाली फोगाट ने फेसबुक पर लाइव आकर आंदोलनकारी किसानों के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। इसके बाद किसानों ने उनका बहिष्कार किया था। आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने भाजपा की बैठक बुलाई थी,जिसका विरोध हुआ था।
जून 2022 में जीजेयू में आयोजित समारोह में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय मुख्य अतिथि थे। वह मंच पर उनके पास बैठने के लिए पहुंचीं। वहां कुर्सी न मिलने पर उन्हें मंच से नीचे आना पड़ा। इस दौरान उन्होंने मीडिया कर्मियों को बताया था कि उन्हें नीचे बैठने के लिए कहा जा रहा था। इस कारण वह जा रही हैं।
वर्ष 2021 में कुछ लोगों ने उनकी फेसबुक पर अभद्र कमेंट किए थे। इसके बाद सोनाली फोगाट के पीए ने कुछ लोगों पर केस दर्ज कराया था।
30 अक्टूबर 2019 को सदर थाना फतेहाबाद में सोनाली फोगाट ने अपनी बहन रुकेश और उसके पति अमन पूनिया पर मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कराया था।