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Hisar News: बीसी-ए आरक्षित सीट पर चुनाव जीतने वाली एससी सरपंच ने मांगी अग्रिम जमानत, सुनवाई आज

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हिसार। बरवाला खंड के गांव ढाणी मिरदाद में सरपंच का पद बीसी-ए महिला के लिए आरक्षित था। एससी वर्ग की महिला ने फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर नामांकन दाखिल किया और चुनाव में जीत दर्ज कर सरपंच भी बन गई। इसके बाद शिकायत पर पुलिस ने सरपंच समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक गोयल की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर पुलिस के जवाब के बाद बुधवार को सुनवाई होगी।
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इस बारे में बरवाला थाना पुलिस ने 30 नवंबर को हिसार के पटेल नगर में रहने वाले ढाणी मिरदान निवासी डॉ. पुनीत इंदौरा की शिकायत पर नवनिर्वाचित सरपंच दुर्गी देवी, उसके पति सोमबीर, सतीश उर्फ दीपू के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 व 120-बी के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस प्राथमिकी के अनुसार ढाणी मिरदाद गांव के एससी जाति के युवक सोमबीर ने करीब चार साल पूर्व चरखी दादरी की एससी जाति की दुर्गी देवी से प्रेम विवाह किया था। गांव का सरपंच पद बीसी-ए के लिए आरक्षित होने के बाद इन्होंने गांव के पूर्व सरपंच व पटवारी से मिलीभगत करके 31 अक्टूबर 2022 को अपने नाम से नायक जाति का ओबीसी का सर्टिफिकेट बनवा लिया और इस काम में सतीश ने इनका साथ दिया।
डॉ. पुनीत इंदौरा ने बताया कि चरखी दादरी के तहसीलदार से दुर्गी देवी के जाति प्रमाणपत्र की जांच करवाने की मांग की थी। जांच में पाया गया कि दुर्गी देवी ने वर्ष 2016 में दादरी जिले से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाया था। 13 दिसंबर 2021 तक इनकी फैमिली आईडी में जाति अनुसूचित जाति थी जबकि 21 अक्टूबर 2022 को बीसी-ए वर्ग दर्शा दी गई और उसके बाद 31 अक्टूबर को ओबीसी का सर्टिफिकेट बनवा लिया था।
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