हिसार। सातरोड की जमीन पर बनाए जा रहे कचरा निस्तारण प्लांट का सातरोड के लोगों ने विरोध कर दिया। रविवार को काफी संख्या में लोग के मौके पर पहुंचे और निगम अधिकारियों से बोले कि काम बंद करो। वह अपनी जमीन पर कचरा नहीं डालने देंगे। निगम अधिकारियों ने उनसे कहा कि अगर निगमायुक्त उन्हें काम बंद करने का आदेश देते हैं तो वह काम बंद कर देंगे। इस दौरान सातरोडवासियों व निगम अधिकारियों के बीच दो दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी। इससे नाराज लोगाें ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। साथ ही कहा कि सोमवार को बच्चों व महिलाओं सहित भारी संख्या में लोग यहां आएंगे। लोगों के विराेध को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
बता दें कि निगम को घरों से कचरा उठाने वाली एजेंसी को कचरा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए जगह उपलब्ध करवानी है। पहले निगम ने इस कार्य के लिए सातरोड के जलघर व बिजली सब स्टेशन के पास जमीन का चयन किया था। मगर सातरोड के लोगों ने इसका यह कहते हुए विरोध कर किया कि इस जगह पर प्लांट बनने से जलघर का पानी दूषित होगा और यहां डाले जाने वाले कचरे की बदबू से सातरोड के लोगों को परेशानी होगी। इस पर निगम ने इस जगह का रद्द कर दिया था। पिछले दिनों ने निगम ने राधा स्वामी सत्संग आश्रम के पास की जगह का चयन किया। इसे लेकर निगम का तर्क है कि यह जगह वार्ड 9 में आती है। जलघर व सातरोड से भी दूर है। मगर सातरोड के लोगों ने इसका भी विरोध कर दिया।
सुबह मौके पर पहुंचे करीब 150 लोग
रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाइक व अन्य वाहनों पर सवार होकर सातरोड के करीब 150 लोग निर्माणाधीन कचरा निस्तारण प्लांट की जगह पर पहुंचे। हालांकि मौके पर पहले से भी पुलिस कर्मचारी तैनात थे। मगर लोगों की संख्या को देखते हुए और पुलिस कर्मचारी मौके पर बुला लिए। लोगों ने आते ही मौके पर चल रहे चहारदीवारी के कार्य को बंद करने को कहा। उनका कहना है कि वे अपनी जमीन पर कचरा नहीं डालने देंगे। शहर में 19 और वार्ड भी हैं, वहां निगम कचरा डलवा सकता है। लोगों के मुताबिक पहले वाली जगह और इस जगह में ज्यादा दूरी नहीं है। शहर का एकमात्र कॉमर्शियल सेक्टर 25 यहां से मुश्किल से 500 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में यह जगह कचरा डालने के लिए भी उपयुक्त नहीं है।
दो बार हुई बातचीत
लोगों के विरोध को देखते हुए मौके पर तैनात निगम अधिकारियों ने करीब 11 बजे सातरोड के लोगों को बातचीत के बुलाया। इस दौरान सातरोड के लोगों की कमेटी व निगम अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। कमेटी सदस्यों ने कहा कि चल रहे काम को तुरंत बंद करवाया जाए। इसके बाद इस मामले पर निगम प्रशासन जब भी उन्हें बातचीत के लिए बुलाएगा, वह आ जाएंगे। इस पर निगम अधिकारियों ने कहा कि वह इस बारे में निगमायुक्त से बात करते हैं और फिर उन्हें बताते हैं। इसके बाद कमेटी सदस्य बाहर आ गए और बैठक के बारे में लोगों को अवगत करवाया। दोपहर 12 बजे फिर से कमेटी सदस्यों व निगम अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। निगम अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में निगमायुक्त की मेयर से बातचीत नहीं हो पा रही है, क्योंकि मेयर अमित शाह की रैली में है। इस पर मौके पर एक कमेटी सदस्य ने मेयर को फोन मिलाया तो मेयर ने फोन उठा लिया और कहा कि वह निगमायुक्त से बात करते हैं। इसके बाद कमेटी सदस्य ने कहा कि अब कैसे मेयर ने उनका फोन उठा लिया। वह जानबूझकर यह बहाना बना रहे हैं, बल्कि वह खुद अपने स्तर पर भी इस कार्य को रुकवा सकते हैं। कोई सहमति न बनने पर कमेटी सदस्य नाराज होकर बाहर आए और बोले कि अब वह इस मामले में निगम से कोई वार्ता नहीं करेंगे।
आज सुबह सातरोड में एकत्रित होंगे लोग
इस दौरान कमेटी सदस्यों ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि सोमवार को यहां ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे। महिलाओं व बच्चों को भी अपने साथ लेकर आएं। मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि सोमवार को पहले वह सैन धर्मशाला के पास एकत्रित होंगे और वहां बैठक करेंगे। उस बैठक में कोई फैसला लेने के बाद ही यहां आएंगे।
मौके पर लगे मजदूरों को डराने का किया प्रयास
इस दौरान वहां निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को डराने का प्रयास भी किया गया। उनसे कहा कि यहां पत्थरबाजी हो सकती है। ऐसे में कोई पत्थर उन्हें भी लग सकता है। वह वहां से चले जाएं। इस बारे में निगम अधिकारियों को भनक लगी तो उन्होंने इस बारे में ठेकेदार से बातचीत की। उधर निगम की तरफ से मौके पर जनरेटर की व्यवस्था भी कर दी गई ताकि अंधेरा होने पर भी काम जारी रखा जा सके।