हिसार। हिसार के 20 से अधिक सरपंचों ने बुधवार को बीडीपीओ ब्लॉक में मीटिंग की। इस दौरान सरपंचों ने पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो हमें रिकॉल करके दिखाए। बबली को अपनी राजनीति से मतलब है। सरपंचों ने कहा कि हमें अच्छे तरीके से लड़ाई लड़नी होगी।
उन्होंने कहा कि पंचायत मंत्री सरपंचों का अपमान कर रहे हैं। सरपंचों को डराने, धमकाने, दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दो सालों से जो काम अफसरों और मंत्रियों ने विकास कार्य करवाए हैं उनकी जांच कराई जाए। ई-टेंडिरंग का सिस्टम गांवों के लिए ठीक नहीं है। सरपंचों ने कहा कि टोहाना में मीटिंग करेंगे, जिसमें कमेटी का गठन करेंगे। तब हम इन्हें ताकत दिखाएंगे।
वहीं, हांसी में ई टेंडरिंग के खिलाफ धरना जारी है। ग्राम पंचायतों में दो लाख से अधिक के कार्यों के लिए ई-टेंडर करवाने के सरकार के निर्णय के खिलाफ हांसी सरपंच एसोसिएशन का धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सरपंच दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक धरने पर बैठे रहे। सरपंचों ने 15 दिन में निर्णय वापस नहीं लेने पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
गांव शेखपुरा के सरपंच प्रदीप लादी ने कहा कि पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली सरपंचों का गांव में भाईचारा खराब करने पर तुले हैं। मगर हम उनके मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। चुनाव के समय हमने जनता से बड़े-बड़े वायदे किए थे, मगर अब सरकार ने हमारे हाथों से पावर छीन ली है। अब गांवों में विकास कार्य कैसे करवाएंगे। जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हम हर रोज धरने पर बैठेंगे।
सरपंचों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिनों में मांगों को पूरा नहीं किया तो बीडीपीओ ब्लॉक की तालाबंदी कर देंगे। सरपंच सुरेन्द्र ने कहा कि ग्राम पंचायतों को 20 लाख रुपये तक के कार्य करवाने की छूट दी जानी चाहिए। 20 लाख से ऊपर के कार्यों के ई-टेंडर होने चाहिए।
सरकार ने इस मांग को नहीं माना तो सरपंच एसोसिएशन के बैनर तले सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। सरपंचों ने कहा कि ई-टेंडर के माध्यम से विकास कार्यों में गुणवत्ता नहीं रहती। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से आधा-अधूरा काम करके भाग जाते हैं। कई उदाहरण गांवों में देखने को मिल रहे हैं। इस दौरान प्रेमनगर से सरपंच अरविंद कटारिया, श्याम खांडा, जितेंद्र गुज्जर, पवन सरपंच, रविंद्र सैनीपुरा, रामचंद्र सोरखी, संदीप धर्मपुरा, अनूप ढाणी कुम्हारन, सोनू घोडेला कुलाना आदि मौजूद थे।