हम शादीशुदा हैं, फलां तारीख को हमारी शादी हुई थी, इसकी जानकारी हमने एचआरएमएस पोर्टल पर दे दी है, अब हमारी तनख्वाह भी दे दो। यह कहना है कॉलेज प्रोफेसर और गैर शिक्षक कर्मचारियों का। उच्चतर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को अब वेतन तब ही मिलेगा जब वे अपनी शादी की तारीख बताएंगे।
कर्मचारियों को ये तारीख जनवरी माह में ही तय समय में बतानी होगी। अगर कोई कर्मचारी अपनी शादी की तारीख की जानकारी उच्चतर शिक्षा निदेशालय व एचआरएमएस के पोर्टल पर नहीं देगा उन कर्मचारियों का वेतन रोक लिया जाएगा। इसके लिए उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को आदेश जारी कर दिए हैं।
महाविद्यालयों के कर्मचारियों के साथ-साथ यह नियम जिला स्तरीय पुस्तकालय, उपमंडल स्तर के पुस्तकालय, केंद्रीय पुस्तकालय व एनसीसी बटालियन के कर्मचारियों पर भी लागू रहेगा। महाविद्यालयों के प्राचार्य व प्रोफेसर इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए कि शादी की तारीख पूछने का तनख्वाह न देने से क्या संबंध है।
हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निदेशालय के इस आदेश को तुगलकी फरमान बताया है। उनका कहना है कि विभाग को खुलासा करना चाहिए कि इस जानकारी का मकसद क्या है।
एसोसिएशन हिसार इकाई के प्रधान डॉ. सुखबीर दूहन ने बताया कि यह पहली बार है जब कर्मचारियों से शादी की तारीख पूछी गई है। इससे पहले सभी कर्मचारियों से शादीशुदा या अविवाहित होने की ही जानकारी मांगी जाती थी। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार राजकीय कॉलेज के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी, विभिन्न प्रकार के पुस्तकालयों के कर्मचारी व एनसीसी बटालियन के कर्मचारियों को शादी तारीख के साथ-साथ ज्वाइनिंग डेट व श्रेणी भी बतानी होगी। जनवरी माह में ये तीनों जानकारी एचआरएमएस पोर्टल पर अपडेट करनी होंगी।
उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने कर्मचारियों की शादी तारीख, कैटेगरी व डेट ऑफ ज्वाइनिंग की जानकारी मांगी है। ये तीनों जानकारी कर्मचारियों को एचआरएमएस पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। हमारे कॉलेज के कर्मचारियों ने ये जानकारियां अपडेट कर दी हैं।
- डॉ. दीपमाला लोहान, प्राचार्य पीजी गवर्नमेंट कॉलेज हिसार