हिसार। सैनी समाज कर्मशील, उनके सामने किसी भी प्रकार की कठिनाई या बाधा आती है तो वे उसका डटकर सामना करते हैं। इसलिए कभी भी किसी को अपने स्वाभिमान पर चोट नहीं पहुंचाने देना चाहिए। यदि कोई कुछ मुफ्त देने की बात कहता है तो यह समझना चाहिए कि सबसे पहले इसका अधिकार अंत्योदय का है। जन कल्याण में सर्व समाज के लोग सरकार के साथ भागीदार बनें। यह कहना है मुख्यमंत्री मनोहरलाल का। वे मंगलवार महाराजा शूरसेन सैनी की जयंती के अवसर पर सैनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल के जीर्णोद्धार व नव निर्माण के लिए अपने ऐच्छिक कोष से 31 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता व विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा की ओर से 11-11 लाख रुपये देने की घोषणा की। धर्मशाला के लिए जमीन देने की मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि समाज के लोगों को आवेदन करना होगा और नियमानुसार धर्मशाला के लिए प्लॉट आवंटित किया जाएगा। मनोहरलाल ने कहा कि परिवार पहचान पत्र डाटा के अनुसार सैनी समाज की 8 लाख आबादी में 30 प्रतिशत जनसंख्या विद्यार्थियों की है। 24 प्रतिशत जनसंख्या सैनी समाज में महिलाओं की है। महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ें। सैनी समाज के मात्र 4 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। ऐसे युवाओं को अपनी कौशल योग्यता पर जोर देना चाहिए। इस मौके पर उत्तर प्रदेश से राज्य मंत्री जसवंत सैनी, मेयर गौतम सरदाना, भाजपा प्रदेश महामंत्री पवन सैनी, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी, विधायक विनोद भयाना, भव्य बिश्नोई, समारोह के संयोजक जवाहर सिंह सैनी, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी, रवि सैनी, सैनी सभा ट्रस्ट के प्रधान ओमप्रकाश राड़ा, कर्मबीर सैनी, जसवंत सैनी आदि मौजूद रहे।
गरीब परिवारों के लिए कई योजनाएं शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत की तर्ज पर चिरायु हरियाणा के तहत 28.89 लाख अंत्योदय परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये की मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। पहले चरण में 1.25 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। 70 हजार लोगों के स्वास्थ्य की जांच हो चुकी है। एक वर्ष में सभी के स्वास्थ्य जांच की जाएगी। पिछले 8 सालों में राज्य सरकार ने व्यवस्था परिर्वतन करते हुए कई बदलाव किए हैं। परिणामस्वरूप हैप्पीनैस इंडेक्स में भी हरियाणा आगे बढ़ रहा है।
पूर्वजों के इतिहास को याद रखें
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को याद नहीं करता, वह समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता। इसलिए हमें हमारे पूर्वजों के इतिहास को याद रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। हमें अपने पूर्वजों के बताए गए रास्ते एवं पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लेना भी ऐसे महापुरुषों के प्रति श्रद्धा रखना है।
समाज के उत्थान के लिए युवा चरित्रवान बनें
डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा कि संत-समाज व महापुरुष किसी एक वर्ग के न होकर समाज को रास्ता दिखाने वाले होते हैं। उनका गौरवशाली इतिहास हमारे लिए प्रेरणास्रोत है। अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ संस्कारवान भी बनाए। युवा चरित्रवान होंगे, तो वह समाज व देश तरक्की की ओर अग्रसर होगा।
बिना पर्ची-खर्ची मिल रहा रोजगार
कुरुक्षेत्र से सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले व देश की पहली शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले के रास्ते पर चलते हुए लोगों को शिक्षित करने का काम कर रही है। इसके अलावा बिना पर्ची और खर्ची के युवाओं को रोजगार देने का काम किया जा रहा है।
महात्मा फुले के आदर्शों पर चलें युवा
पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि यह देशभक्त, कर्तव्यनिष्ठ और कमेरा वर्ग का समागम है। महात्मा ज्योतिबा फुले की शिक्षाओं को, उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए, राजनीतिक ताकत मिलनी चाहिए। आज आप सब संकल्प लें कि मेरा समाज आज सबसे ज्यादा जोर, सबसे ज्यादा प्रयास, सबसे ज्यादा मेहनत और सबसे ज्यादा पुरुषार्थ वह अपनी पढ़ाई-लिखाई में करेगा।