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Hisar News: ग्रामीण लाभार्थी पीएम विश्वकर्मा योजना का नहीं ले पा रहे लाभ

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हिसार। जिले के ग्रामीण लाभार्थी पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इस कारण यह है कि काफी संख्या में आवेदन पहले व दूसरे चरण पर मंजूरी न मिलने से लंबित पड़े हैं। अधिकारियों की मानें तो पहले चरण पर 33 हजार व दूसरे चरण पर 8 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं। हालांकि जिले में अभी तक 57 हजार से ज्यादा कारीगर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर चुके हैं।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की थी। इस योजना का मकसद कारीगरों का सर्टिफिकेशन करना, आईडी बनाना और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इस योजना में कारीगरों की 18 श्रेणियों को शामिल किया गया है। इनमें कारपेंटर (बढ़ई), नाव बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, राज मिस्त्री, मछली का जाल बनाने वाले टूल किट निर्माता, पत्थर तोड़ने वाले, जूता कारीगर, टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया, अन्य खिलौना निर्माता (पारंपरिक), नाई, माला बनाने वाले, धोबी और दर्जी को शामिल किया गया है।
जिले की 300 में से 278 पंचायत पंजीकृत
इस योजना के लिए जिले की 300 में से 278 पंचायत पंजीकृत हुई हैं। मतलब इन गांवों के सरपंचों ने पोर्टल पर खुद का पंजीकरण करवाया है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो अभी तक जिले में करीब 42 हजार कारीगरों ने आवेदन किया है। इसके बाद पहले चरण पर सरपंचों को इसके वेरिफाई करना है। इसके तहत अभी तक करीब 8700 आवेदनों को सरपंच ने वेरिफाई कर आगे भेजा है और 33300 आवेदन अभी उनके स्तर पर लंबित पड़े हैं। वहीं दूसरे चरण पर बीडीपीओ को इन्हें वेरिफाई करना है। उनके स्तर पर अभी तक करीब 750 आवेदनों को ही वेरिफाई कर केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। इनके पास भी करीब 8 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं।
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शहरी क्षेत्र में आए करीब 15 हजार आवेदन
शहरी क्षेत्र में अभी तक करीब 15 हजार लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है। पहले चरण में इनमें से करीब 8400 आवेदनों निकाय स्तर पर मंजूर कर आगे भेजा गया है। यहां करीब 6600 आवेदन मंजूरी के अभाव में लटके हैं। इसके बाद दूसरे चरण पर करीब 5 हजार आवेदनों को मंजूरी देकर केंद्र के पास भेज दिया गया है।
अभी तक 1800 को मिला फायदा
इस योजना का फायदा अभी तक करीब 1800 लोगों को मिल चुका है। करीब 3600 आवेदन आखिरी चरण पर लंबित पड़े हैं और करीब 300 आवेदनों को रद्द किया जा चुका है।

ग्रामीण एरिया के अधिकारियों को आवेदनों की वेरिफिकेशन के कार्य को तेजी से करने को कहा है ताकि केंद्र के पास ज्यादा संख्या में आवेदन पहुंचे और ज्यादा लोगों को इस योजना का फायदा मिल सके। - जनक कुमार, अतिरिक्त निदेशक, एमएसएमई
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