माउंट कांग यात्से चोटी पर तिरंगा के साथ पर्वतारोही रीना भट्टी।
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हरियाणा के हिसार के श्यामलाल बाग की पर्वतारोही रीना भट्टी ने 70 घंटे में माउंट कांग यात्से और माउंट जोजंगो चोटी को फतह कर रिकॉर्ड बनाया है। दो चोटी को एक साथ फतह करने वाली रीना हरियाणा की पहली पर्वतारोही बन गई हैं। माउंट कांग यात्से लद्दाख में 6250 मीटर और माउंट जोजंगो 6240 मीटर ऊंची चोटी है। इससे पहले रीना माउंट किलिमंजारो और नन सहित विभिन्न चोटियों को फतह कर चुकी हैं। वह पैनासॉनिक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उनका अगला लक्ष्य वर्ष 2023 में माउंट एवरेस्ट की चोटी को फतह करना है।
पर्वतारोही रीना भट्टी ने बताया कि 18 जुलाई को उसने माउंट काग यात्से और 21 जुलाई को माउंट जोजंगो चोटी को फतह कर तिरंगा फहराया था। दोनों चोटियों को फतह करने के लिए रीना करीब एक साल से प्रैक्टिस कर रही थीं। रीना ने बताया कि अब उसका लक्ष्य वर्ष 2023 में माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करना है। रीना के पिता बलवान सिंह ऑटो मार्केट में काम करते हैं जबकि माता बाला देवी गृहिणी हैं।
मौसम खराब होने पर चार दिन बेस कैंप में रहीं
रीना भट्टी ने बताया कि हिसार से 10 जुलाई को रवाना हुई थी। 13 जुलाई की शाम को बेस कैंप पहुंची। मगर मौसम खराब होने के कारण बेस कैंप में ही रुकी रही। मौसम साफ होने के बाद 17 जुलाई की रात को चढ़ाई शुरू की और 18 जुलाई को चोटी फतह कर तिरंगा फहराया। वहीं रीना भट्टी ने लोगों से आर्थिक मदद करने की अपील की है, ताकि माउंट एवरेस्ट फतह करने का उसका सपना पूरा हो सके।
एक लाख रुपये की दी गई थी राशि
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत पर्वतारोही रीना भट्टी को माउंट एवरेस्ट फतह के लिए हिसार स्थित अमर उजाला कार्यालय में बीते साल 20 नवंबर को एक लाख रुपये का चेक भेंट किया गया था। उस दौरान उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने रीना को चेक दिया था। रीना ने बताया कि अमर उजाला ने मेरे सपनों की उड़ान में पंख लगाने का काम किया है।