सिरसा। किसान आंदोलन के चलते जिले में 13 फरवरी से इंटरनेट सेवा बाधित है। इस कारण जिले में राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है। इंटरनेट बंद होने से 19 फरवरी तक जिले के मात्र 23 प्रतिशत कार्ड धारकों को ही राशन मिला है। माह खत्म होने में मात्र 10 दिन बचे हैं। अगर इंटरनेट पर पाबंदी नहीं हटी तो जिले के 77 प्रतिशत उपभोक्ता राशन से वंचित रह सकते हैं।
वहीं विभाग की ओर से गांवों के सरपंचों से राशन डिपो धारकों को वाईफाई की सुविधा उपलब्ध करवाने की अपील की जा रही है। ताकि जब तक इंटरनेट से पाबंदी हटे तब तक उपभोक्ताओं को राशन का वितरण किया जा सके। अगर अगर वाई-फाई की सुविधा डिपो धारकों को नहीं मिली तो 40 प्रतिशत लाभार्थी बिना राशन के ही रहने की आशंका है।
जिले में 2,57,537 राशन कार्ड धारक हैं। उनको राशन वितरण के लिए 502 राशन डिपो हैं। ऐसे में इंटरनेट सेवा बंद होने की वजह से बायोमेट्रिक मशीन नहीं चल पा रही है। फरवरी माह में सिर्फ 10 दिन का समय ही शेष बचा है। अभी तक केवल 23 प्रतिशत लाभार्थी को ही राशन बंट पाया है। 77 प्रतिशत कार्डधारक राशन लेने से वंचित हैं।
आंदोलन ने रोका राशन वितरण कार्य
अधिकारियों के अनुसार राशन कार्ड धारकों को 3.5 किलो बाजरा व एक किलो 50 ग्राम गेहूं प्रति व्यक्ति के हिसाब से दिया जाता है। किसान आंदोलन और मार्ग बंद होने की वजह से जिले के कई डिपो पर बाजरे की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। बाजरे की सप्लाई महेंद्रगढ़-नारनौल एरिया से आती है। सिरसा के कई एरिया में नाकेबंदी होने के कारण गांवों के लिंक रोड से भारी वाहन गुजर नहीं सकते हैं। ऐसे में कई डिपो पर राशन वितरण को लेकर बाजरा नहीं पहुंच रहा है। इसके अलावा गेहूं, चीनी और सरसों तेल का वितरण भी डिपो से होता है।
इस प्रकार मिलेगा फरवरी का राशन
- गेहूं 20651.99 क्विंटल
- बाजरा 34288.74
- चीनी 2145.58 क्विंटल
- सरसों तेल 515074 लीटर।
इस प्रकार होता है वितरण
- बीपीएल कार्डधारकों को डेढ़ किलो गेहूं, 3 किलो 50 ग्राम बाजरा, 1 किलोग्राम चीनी और 2 लीटर सरसों का तेल मिलता है।
- गुलाबी कार्ड धारक को प्रति कार्ड 15 किलोग्राम गेहूं, 20 किलोग्राम बाजरा, 1 किलोग्राम चीनी और 2 लीटर तेल दिया जाता है।
इंटरनेट बंद होने की वजह से राशन वितरण प्रणाली प्रभावित हुई है। सरपंचों से अपील की जा रही है कि राशन डिपो पर वाईफाई की व्यवस्था करवाएं। ताकि जरूरतमंदों के गांवों में राशन वितरण का कार्य किया जा सके। -कप्तान सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारी।