कुलदीप बिश्नाेई के साथ वोट मांगते रणजीत सिंह।
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आदमपुर की धरती पर भजनलाल परिवार के विरुद्ध चुनाव में बिजली मंत्री रणजीत सिंह और उसके पिता चौधरी देवीलाल को हार का सामना करना पड़ा था। अब खुद मंत्री उसी परिवार के सदस्य के लिए वोट मांग रहे हैं। चौधरी रणजीत सिंह ने कहा कि प्रजातंत्र में कोई भी किसी के सामने चुनाव लड़ सकता है। मैं चौधरी ओमप्रकाश और चौधरी भजनलाल के सामने चुनाव लड़ चुका हूं। वे गुरुवार को भाजपा प्रत्याशी एवं भजनलाल के पोते भव्य बिश्नोई के प्रचार में आदमुपर आए थे।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने में कोई बुरी बात नहीं है। यह प्रजातंत्र की एक एक्सरसाइज है। कोई दिक्कत की बात नहीं। इससे हमारे रिश्ते प्रभावित नहीं होते। मैं मन से कुलदीप का समर्थन करने आया हूं। अभय सिंह चौटाला द्वारा देवीलाल को सत्ता से हटाने के लिए भजनलाल को जिम्मेदार ठहराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई किसी को नहीं रोक सकता।
न मैं रोक सकता, न चौधरी देवीलाल रोक सकते थे, जनता जिसको चाहे वह जीतता है। चौधरी भजनलाल व चौधरी देवीलाल दोनों जा चुके हैं। उन्होंने अपने समय में काम किया। इस बार आदमपुर में कांग्रेस से टक्कर है। जीत का अंतर लगातार बढ़ रहा है। एक छोटे से कार्यकर्ता के आने से भी असर पड़ता है। मेरे आने से भी 5-7 पर्ची तो बढ़ेगी।
पिता 10 तो बेटे 20 हजार से ज्यादा मत के अंतर से हारे थे
वर्ष 1972 में आदमपुर विधानसभा सीट पर चौधरी भजनलाल कांग्रेस के प्रत्याशी थे। उनके सामने चौधरी देवीलाल निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। चौधरी देवीलाल 10961 वोट से हारे थे। वर्ष 2008 के उपचुनाव में हजकां प्रत्याशी चौधरी भजनलाल के सामने रणजीत सिंह चौटाला चुनावी मैदान में थे, जिसमें रणजीत सिंह 20249 वोट से हार का सामना करना पड़ा।
दुष्यंत ने हराया कुलदीप को
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इनेलो प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला के सामने हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के कुलदीप बिश्नोई चुनावी मैदान में थे। दुष्यंत चौटाला ने कुलदीप बिश्नोई को पराजित किया था।