हिसार नगर निगम की तरफ से बनाए जा रहे कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में सातरोड वासी सोमवार को टेंट गाड़ कर धरने पर बैठ गए। लोगों ने कहा कि जब तक निगम प्लांट का निर्माण कार्य बंद नहीं करता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। वार्ड के लोगों के विरोध को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्लांट के लिए जगह निगम की तरफ से उपलब्ध करवाई जानी है
नगर निगम में वार्ड 1 से 10 में डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य ठेके पर दिया हुआ है। ठेके की शर्त के अनुसार ठेकेदार को कचरे का उठान करने के साथ-साथ उसका निस्तारण भी करना है। मगर प्लांट के लिए जगह निगम की तरफ से उपलब्ध करवाई जानी है। पहले निगम ने इसके लिए बिजली निगम के सब स्टेशन और चलकर के बीच में खाली पड़ी जगह का चयन किया था, जिसका सातरोड़ के लोगों ने यह कहते हुए विरोध कर दिया था कि अगर यहां प्लांट बनता है तो जल घर में कचरा जाएगा।
किसी भी कीमत पर कचरा नहीं डालने देंगे- ग्रामीण
साथी यहां से वार्ड की दूरी भी काफी कम है जिस कारण से सातरोड़ के लोगों को भी यहां डालने वाले कचरे से परेशानी होगी। इस पर निगम ने इस जगह को रद्द कर दिया था। इसके बाद निगम में राधा स्वामी आश्रम के पास जगह का चयन किया। इस बारे में निगम का तर्क था कि यह जगह वार्ड 9 में पड़ती है और गांव से 4 किलोमीटर की दूरी पर है। मगर साथ रोड के लोगों ने इस जगह का भी विरोध कर दिया। उनका कहना है कि वह अपनी जमीन पर किसी भी कीमत पर कचरा नहीं डालने देंगे।
आज धरने पर महिलाएं भी बैठीं
आज सुबह सातरोड़ के लोगों ने सुबह वार्ड में बैठक की। बैठक में लोगों ने निर्माण स्थल पर धरना देने का फैसला किया। इसके बाद करीब डेढ़ सौ से 200 लोग कचरा निस्तारण प्लांट की तरफ रवाना हो गए जिनमें महिलाएं भी शामिल थी। यहां आकर ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। मौके पर कई राजनीतिक पार्टियों व सामाजिक संगठनों के लोग भी धरने का समर्थन करने पहुंचे। धरना स्थल पर ही खाने की व्यवस्था भी की गई है।