चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हरियाणा की बेटियाें की सराहना की। दीक्षांत समारोह में 124 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जिसमें 89 बेटियां शामिल रहीं। इनमें से चार को मंच पर राष्ट्रपति ने सम्मानित किया।
विवि के इंदिरा गांधी सभागार में आयोजित 25वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि वे खुद किसान की बेटी हैं। बेहद कम समय में तीन बार हरियाणा आ चुकी हैं। उनकी कई क्षेत्र में रुचि है लेकिन सबसे अधिक रुचि कृषि क्षेत्र में हैं। वह जानना चाहती थीं कि भारत की आबादी जिस तरह से बढ़ रही है अन्नदाता के लिए कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी क्या व्यवस्था कर रहे हैं। वे खुद सीखना चाहती थी। आज बहुत सारे बच्चे मिट्टी से जुड़े क्षेत्र में काम नहीं करना चाहते। वह देख रही हैं कि यहां लड़की हो या लड़का किसानों की जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
खेती की लागत को कम करना जरूरी
हरित क्रांति व श्वेत क्रांति में एचएयू के महती योगदान की सराहना की। एचएयू अपने स्थापना के समय से ही कृषि, शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार विषय में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। खेती की लागत को कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, उसे पर्यावरण अनुकूल बनाने व अधिक लाभदायक बनाने में नई तकनीक की अहम भूमिका है। उन्होंने अनाज, फल-फूल, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन व मत्स्य पालन जैसे नए विषयों को उद्योगों के रूप में विकसित कर रोजगार के रूप में अपनाने पर बल भी दिया। उन्होंने एचएयू द्वारा खोले गए क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र को फसल उत्पादन तकनीकों के प्रचार-प्रसार के लिए किसानों के साथ मिलकर चलने के लिए प्रेरित भी किया।
भारत स्टार्टअप का बना हब
उन्होंने बताया कि भारत एक स्टार्टअप हब के रूप में उभरा है। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको-सिस्टम आज भारत में है। ऐसे में कृषि और इससे जुड़े कई क्षेत्रों में स्टार्टअप की प्रचुर संभावनाएं हैं। इसलिए युवाओं को आगे आकर रोजगार पाने के बजाय रोजगार देने वाला बनना होगा।
अनुसंधान और विकास देश की उन्नति का आधार : दत्तात्रेय
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की नई उपलब्धियां बताईं। उन्होंने स्नातक-परास्नातक उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में अधिक होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने एचएयू द्वारा नए शोध व नवाचारों को अपनाते हुए किसानों तक उनके लाभ पहुंचाने के लिए शिक्षाविदों को प्रेरित भी किया। उन्होंने अनुसंधान और विकास को देश की उन्नति का आधार बताया। उन्होंने एचएयू द्वारा एग्री-बिजनेस इक्यूबेशन, स्टार्टअप सेंटर द्वारा 90 एग्री-एंटरप्रीनोयर स्थापित करने कृषि विज्ञान केंद्रों पर 7 सामुदायिक रेडियो स्टेशन व न्यूट्री-सिरियल रिसर्च स्टेशन, गोकुलपुरा भिवानी में स्थापित करने के लिए एचएयू की सराहना की।
चावल की खेती में पानी बचाने का प्रयास
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय भारत के कृषि विश्वविद्यालयों में पांचवें रैंक पर आता है। एचएयू ने प्राकृतिक एवं जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने दीन दयाल उपाध्याय उत्कृष्टता केंद्र के नाम से 123 एकड़ में जैविक कृषि फार्म की स्थापना की है। मोटे अनाजों के अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय द्वारा पोषक अनाज अनुसंधान केंद्र को भिवानी के गोकुलपुरा में स्थापित किया गया है। जल संरक्षण नीति के तहत विश्वविद्यालय ने चावल की खेती में पानी को बचाने के लिए प्रत्यक्ष प्रत्यारोपण तकनीक का विकास किया है।
मार्च अप्रैल में बारिश से किसानों को नुकसान, शोध की जरूरत : मनोहरलाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद यह अब उनका सेवा करने का समय है। विश्वविद्यालय से सीखे हुए ज्ञान को किसानों की सेवा में लगाते हुए उनके जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास करें। सीएम ने कहा कि मौसम भी चुनौती बन रहा है। इस साल मार्च व अप्रैल माह में तैयार फसलों पर बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ। इससे पहले 2015 में भी किसानाें काे इसी तरह से मार्च महीने की बारिश के कारण नुकसान सहना पड़ा था। इस पर अध्ययन करने की जरूरत है। अनाज उत्पादन के बाद भंडारण व विपणन के लिए भी काम करने की आवश्यकता है।
समारोह में 865 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधि
दीक्षांत समारोह में कुल 865 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। जिनमें 124 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल भी दिया गया, जिसमें 89 लड़कियों को मेडल मिला। परास्नातक एवं डॉक्टरेट स्तर के गोल्ड मेडल पाने वालों में 54 लड़कियां व 26 लड़के हैं। स्नातक स्तर के गोल्ड मेडल पाने वालों में 35 लड़कियां व 9 लड़के हैं। समारोह में 1 अगस्त 2021 से 30 सितंबर 2022 के दौरान शिक्षा पूरी कर चुके विद्यार्थियों को 290 स्नातकों, 447 परास्नातकों एवं 128 डॉक्टरेट की उपाधियां प्रदान की गईं। उपाधियां प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 307 लड़के व 558 लड़कियां हैं।
79 विद्यार्थियों को रिसर्च के लिए विदेश भेजा : प्रो. कांबोज
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने बताया कि विश्वविद्यालय के 69 विद्यार्थियों को चेक रिपब्लिक व 10 विद्यार्थियों को आस्ट्रेलिया कृषि की नवीनतम शोध तकनीक सीखने के लिए भेजा गया है। बाजरे की बायो-फोर्टिफाइड किस्म एचएचबी 299 विकसित की है, जोकि लौह तत्व व जिंक से भरपूर है।
सीएम ने चौधरी चरण सिंह को याद किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय का नाम किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखा गया। वे देश की खुशहाली के लिए कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग के पक्षधर थे। उन्होंने ही वर्ष 1979 में देश के उप-प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना की थी, जो आज ग्रामीण विकास की धुरी बन चुका है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी के अधिक दोहन से कई क्षेत्र डार्क जोन भी हो गए हैं।
सीएम ने कहा जय पहलवान भी बोले...
एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने अपने संबोधन के अंत में जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान बोला। सीएम ने अपने संबोधन के अंत में कुलपति के इस अंश का उल्लेख करने कहा कि जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान के साथ जय पहलवान कहें।
राष्ट्रपति की अगुवाई में निकली शोभा यात्रा...
दीक्षांत समारोह की शुरुआत में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत शैक्षणिक शोभा यात्रा निकालकर किया। राष्ट्रपति ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद साथ ही सरस्वती वंदना की हुई। राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन हुआ।