हिसार। शहर के मशहूर नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं तोशाम मार्ग स्थित गर्ग आई रिसर्च सेंटर के संचालक डॉ. अशोक गर्ग द्वारा आत्महत्या मामले में 14 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को पुलिस ने जांच के बाद रद्द कर दिया है। आजाद नगर थाना पुलिस ने विसरा रिपोर्ट और लिखावट का मिलान करने के बाद रिपोर्ट के आधार पर केस को रद्द कर दिया है।
अमर उजाला ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रमुखता से छापा था। उसके बाद पुलिस हरकत में आई थी और गंभीरता से हर पहलु की जांच की। जांच के बाद एफआईआर रद्द करने का निर्णय लिया गया। पुलिस ने दो पेज के सुसाइड नोट को मधुबन लैब में लिखावट मिलान के लिए भेजा था। उसकी रिपोर्ट भी आ चुकी है।
डॉक्टर के पेट में मिला था 1.5 लीटर कीटनाशक
11 मई 2023 की दोपहर बाद डॉ. अशोक गर्ग को उनकी पत्नी और बेटा गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया था। चिकित्सकों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के पेट से 1.5 लीटर कीटनाशक मिला था। जिसका रंग भी नहीं बदला था। मुंह और नाक में भी वही केमिकल मिला था जो पेट में था। मृतक के पेट और आंत के अंदरूनी हिस्सों पर जहर से होने वाले बदलाव नजर नहीं आए थे। जबकि इतनी ज्यादा मात्रा में कीटनाशक पीने पर रंग में बदलाव मिलने चाहिए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि मौत के बाद कीटनाशक पेट में गया था। चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि पेट के अंदर 1.5 लीटर कीटनाशक मिला है। केमिकल के भौतिक गुण आंखों से देखे जा सकते हैं। मृतक के पेट, आंत, मुंह, नाक और श्वास नली में जो केमिकल मिला है वह एक जैसा प्रतीत हो रहा है। केमिकल का रंग नहीं बदला है।
रद्द कर दी है एफआईआर
डॉ. अशोक गर्ग द्वारा आत्महत्या मामले में 14 लोगों पर दर्ज किए गए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले को रद्द कर दिया है। हर पहलु पर जांच करने के बाद मामले को रद्द किया गया है।
रमेश कुमार, आजाद नगर थाना प्रभारी, हिसार