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पेट्रोल पंप पर 10 से 20 एमएल कम दिया जा रहा था पेट्रोल, खाद्य आपूर्ति विभाग ने किया सील

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पेट्रोल पंप पर तेल की जांच करते अधिकारी। - फोटो : Hisar
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जिला खाद्य पूर्ति विभाग की टीम ने मंगलवार को क्षेत्र के 3 पेट्रोल पंपों पर जांच की। इस दौरान शहर के एक पेट्रोल पंप पर टीम को दो मशीनों में गड़बड़ मिली। यहां एक मशीन में 10 मिली लीटर व दूसरी मशीन में 20 मिली लीटर पेट्रोल की मात्रा प्रत्येक 5 लीटर में कम आंकी गई। इससे साफ पता चला कि पेट्रोल पंप संचालक द्वारा उपभोक्ताओं को कम पेट्रोल देकर चपत लगाया जा रहा था। खाद्य पूर्ति विभाग की टीम में जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी सुभाष सिहाग, एएफएसओ विनीत जैन व अन्य अधिकारी शामिल थे। विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में मालूम होने पर एसडीएम डॉ. विनेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। डीएफएसओ सुभाष सिहाग ने बताया कि विभाग की टीम ने बरवाला के रिलायंस पेट्रोल पंप, एचपी के नरेश कुमार-सुशील कुमार पेट्रोल पंप व हिसार मार्ग पर स्थित केशर पेट्रोल पंप पर निरीक्षण किया। नरेश कुमार-सुशील कुमार नामक फर्म के पेट्रोल पंप पर जांच की गई तो यहां दो मशीनों में पेट्रोल 10 से 20 मिली लीटर प्रति 5 लीटर कम दर्ज हुआ। जांच के बाद टीम ने मौके से सैंपल लिए व गड़बड़ी वाली मशीनों को सील करते हुए इनसे तेल की सप्लाई बंद कर दी। खाद्य पूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंपों पर अग्निशमन यंत्रों सहित अन्य जांच भी की। टीम को पेट्रोल पंपों पर कोई अन्य खामी नजर नहीं आई। उधर, एसडीएम डॉ. विनेश कुमार ने पेट्रोल पंपों पर कार्यरत कर्मचारियों की हाजिरी की भी जांच की। उन्होंने पेट्रोल प्रबंधन को निर्देश दिया कि जो लोग हाजिर हों उनके नाम ही रजिस्टर में दर्ज होने चाहिएं। डीएफएसओ सुभाष सिहाग ने बताया कि पेट्रोल पंपों से सैंपल लिए गए हैं। जिस पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की मात्रा सैंपल में कम आई है उस फर्म पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
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