सिरसा। लघु सचिवालय के बाहर पटवारी एवं कानूनगो अपनी मांगों को लेकर धरने पर हैं। इन्होंने अपनी हड़ताल 10 जनवरी तक बढ़ा दी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए उनके पास अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आदेश नहीं आए हैं। ऐसे में आम आदमी अपनी जरूरत के कार्य न होने की वजह से परेशान है।
हड़ताल के चलते भूमि की रजिस्ट्री से लेकर जाति प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र व इंतकाल दर्ज जैसे कार्य बंद हो चुके हैं। लोग ई-दिशा केंद्र व तहसील कार्यालय में तो पहुंच रहेहै, लेकिन अधूरा कार्य होने पर उसे लौटना पड़ रहा है।
हड़ताल से पूर्व ई दिशा केंद्र में सामान्य दिनों के दौरान प्रतिदिन करीब 500 टोकन कटते थे, लेकिन अब टोकन की संख्या घटकर 150 से 200 हो गई है। इंतकाल दर्ज करवाने वालों की संख्या भी कम हुई है। सामान्य दिनों में जहां 31 से 40 के बीच इंतकाल दर्ज किए जाते थे, वहीं अब 20 से 25 लोग ही इस कार्य की फीस जमा करवा रहे हैं। इसके चलते सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।
सरकार व प्रशासन के खिलाफ एसोसिएशन के सदस्यों की नारेबाजी
लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे पटवारी एवं कानूनगो ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए नारेबाजी की। एसोसिएशन के प्रधान लाभ सिंह कानूनगो व जिला सचिव मुकेश चौधरी ने बताया कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी सरकार व प्रशासन के खिलाफ हमारा रोष जारी रहेगा। हमारी मांगे जायज हैं और जिन्हें हर हाल में पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यूनियन के निर्णय के बाद 10 जनवरी तक धरना जारी रखने के लिए निर्देश मिले हैं। आगामी कार्रवाई स्टेट यूनियन के आदेशानुसार ही तय की जाएगी।
पटवारी एवं कानूनगो के धरने के कारण कुछ समस्या तो उत्पन्न हो रही है, लेकिन सबसे अधिक परेशानी मैनुअल कार्य को लेकर आ रही है। अधिकतर ऑनलाइन कार्य हो रहे हैं। इनके स्थान पर कोई वैकल्पिक प्रबंधन किए जाने के आदेश जिला प्रशासन की तरफ से नहीं आए हैं। - सुरेश बौद्ध, डीआरओ सिरसा।