बाढड़ा (चरखी दादरी)। गांव हंसावास कलां स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों के छह पद कैप्ट करने के विरोध में ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी स्कूल गेट के बाहर धरना दिया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी समझाने गए तो उनको तीन घंटे तक धरना स्थल पर ही बैठाए रखा। बाद में डिप्टी डीईओ जलधीर कलकल और डीईईओ लक्ष्मी नांदल मौके पर पहुंची। इन अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच कई देर तक बातचीत हुई और उसके बाद ही ग्रामीणों ने अधिकारियों को जाने दिया।
बता दें कि रेशनेलाइजेशन में इस विद्यालय में छह शिक्षकों के पद कैप्ट कर दिए गए हैं और अब यहां एकमात्र मुख्याध्यापक ही बचा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने गत 26 अगस्त को एसडीएम को भी ज्ञापन दिया था। इसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई कदम न उठाने पर अभिभावक वीरवार को स्कूल पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए थे। शुक्रवार को भी ग्रामीणों का धरना जारी रहा।
पूर्व सरपंच राकेश श्योराण व राजेश नंबरदार की अगुवाई में ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर एक बजे खंड शिक्षा अधिकारी रामचंद्र इंदौरा धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द ही शिक्षकों की तैनाती करवाने का आश्वासन दिया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने बीईओ को बताया कि शिक्षक नहीं होने से छात्रों को अब बाढड़ा या आठ किलोमीटर दूरी पर गांव नांधा जाना पड़ेगा। इस संबंध में डिप्टी डीईओ जलधीर कलकल ने बताया कि ग्रामीणों की मांग को शिक्षा निदेशालय भेज दिया जाएगा।
धरना स्थल पर ये रहे मौजूद
धरनास्थल पर नंबरदार एसोसिएशन जिलाध्यक्ष राजबीर सिंह, एसएमसी अध्यक्ष ममता देवी, सोमबीर सिंह, अशोक, रतिभान, ओमप्रकाश, पूर्व सरपंच जयचंद, कृष्ण, हरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, पवन कुमार, राजेश, मंजू, सुमन, सुनील, नरेंद्र कुमार, धूप सिंह, धर्मबीर सिंह, वेदप्रकाश, जयसिंह श्योराण, राजेंद्र सिंह, जगबीर सिंह, प्रवीण कुमार, सुशीला आदि मौजूद रहे।