उकलाना मंडी। खंड के गांव कल्लरभैणी में पंचायत चुनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है। सरपंच का पद अनारक्षित है। गांव कल्लर भैणी को मुस्लिम समुदाय के सैयद भिखा, सैयद मुस्तफा व अली बहादुर ने बसाया था। बाद में गांव प्रभुवाला से कुम्हार बिरदारी के रतिराम, लेखाराम व पासराम यहां आकर बस गए। देश विभाजन के समय गांव के मुस्लिम परिवार पाकिस्तान चले गए और उनकी जगह सिख और पंजाबी आए। मुस्लमानों के बसाए गांव में पंडित गंगामणी गांव के प्रथम सरपंच बने थे।
गांव में 758 पुरुष और 694 महिलाएं वोटर हैं। ग्रामीण अब मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। इस बार पंचायत चुनाव में गंदे पानी की निकासी समेत अन्य मुद्दे प्रमुख हैं। पिछली योजना में राजकुमार वर्मा सर्वसहमति से सरपंच बने थे लेकिन इस बार प्रत्याशियों में कड़ा मुकाबला है। ग्रामीण सुरेंद्र, राजेश खन्ना, सिमरन, खुशविंद्र सिंह, दर्शन सिंह, रमेश, बलबीर सिंह, धर्मबीर, सुरेंद्र का कहना है कि इस बार शिक्षित, युवा व सूझबूझ वाला व्यक्ति ही सरपंच चुना जाएगा। गांव में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा सफाई, सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइटें का अभाव है। गांव में लोगों के इलाज के लिए कोई अस्पताल नहीं है। स्टेट हाइवे पर इस गांव में बसें भी नहीं रुकती हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि पूर्व सरपंच इमरती देवी के कार्यकाल में चौपाल का निर्माण हुआ था। राजीव गांधी सेवा सदन बनाया गया है। स्वर्ग आश्रम की चहारदीवारी और कई गलियों को पक्का कराया गया था। गांव में दो हजार पौधे लगाए गए हैं। गांव जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पेयजल को लेकर पुरस्कार भी जीत चुका है।
निवर्तमान सरपंच राजकुमार वर्मा ने कहा कि गांव की गलियां पक्की कराने, फिरनी पक्की कराने, स्ट्रीट लाइट लगाने के काम कराए। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत बोबुआ से कल्लरभैणी रोड निर्माण करवाया। गांव में आंगनबाड़ी, सांसद कोटे से एक लाइब्रेरी, एससी चौपाल, ब्राह्मण धर्मशाला में कमरे निर्माण करवाए। श्मशान घाट को जाने वाला रास्ता पक्का करवाया। कुछ काम कोरोना के चलते नहीं हो सके।