हांसी। 6.40 करोड़ रुपये की ग्रांट वितरण को लेकर खंड प्रथम के पंचायत समिति सदस्यों की बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। बैठक में पक्ष व विपक्ष में वोटिंग हुई। जिसमें विपक्ष में 20 सदस्यों ने वोट दिए। जिसके साथ ही बैठक रद्द हो गई। बैठक में सदस्यों ने पंचायत समिति के चेयरपर्सन नीलम रानी पर ग्रांट वितरण में भेदभाव व भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। साथ ही पहले आई ग्रांट का हिसाब न देने का आरोप भी लगाया।
बैठक में कुल 28 पंचायत समिति के सदस्य मौजूद रहें। बैठक में करीब 6 करोड़ रुपये की ग्रांट को वितरण करना था। जैसे ही बैठक शुरू हुई तो बैठक में 6 करोड़ की ग्रांट को वितरण करने के लिए पक्ष-विपक्ष में मतदान किया गया। ग्रांट वितरण करने में 8 सदस्य थे व विपक्ष में 20 पंचायत समिति सदस्य थे। जिसके कारण यह बैठक भी फैल हो गई। ग्रांट वितरण को लेकर अब तक कुल 6 बैठक हो चुकी है। जिसमें से 4 बैठक फेल हुई हैं। बैठक का आयोजन पुलिस की निगरानी में किया गया था। बीडीपीओ ऑफिस के गेट के बाहर व अंदर दोनों जगह पुलिस की निगरानी रही। पंचायत समिति की सदस्य प्रीति ने बताया कि जब तक पिछली ग्रांट का विवरण नहीं दिया जाता तब तक कोई भी हाऊस बैठक पास नहीं करेंगे। पंचायत समिति के सदस्यों ने कहा कि चेयरपर्सन के व्यवहार व भ्रष्टाचार के चलते इस बैठक को फेल किया गया। साथ ही बीडीपीओ विपक्ष को ग्रांट वितरण का अधिकार नहीं दे रहा। इस दौरान पंचायत समिति के सदस्यों ने चेयरमैन नीलम रानी के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी की व घोटाले के आरोप लगाए। इस बैठक में विपक्ष के सदस्य सतबीर शर्मा, सुशील, प्रीति सिसाय, प्रदीप सिसाय, रेखा चैनत, विक्रम सैनीपूरा, मनजीत भाटला, राजेंद्र, शीला ढाणा, गोमती, कुलदीप उमरा, डॉक्टर महेंद्र अनीता मामनपुरा, पूनम, व कुलदीप घिराय आदि मौजूद रहे।
प्रतिनिधि भी अंदर नहीं गए
बैठक को लेकर पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट पर पुलिस बल तैनात था। इस दौरान केवल पंचायत समिति सदस्यों को ही बैठक में जाने दिया गया। प्रतिनिधि की एंट्री नहीं थी। बैठक में चेयरपर्सन प्रतिनिधि अंदर गए तो बाहर खड़े अन्य प्रतिनिधियों ने विरोध जताया। जिसके बाद उन्हें वापस बुलाया गया। वहीं दो नेताओं के अंदर जाने पर भी प्रतिनिधि नाराज दिखे। बैठक को लेकर कांग्रेस नेता मनोज राठी भी पहुंचे।
सदस्यों का आरोप बैठक की जानकारी छुपाई
सदस्यों का कहना है कि बैठक को लेकर उन्हें जानकारी दो दिन पूर्व दी गई। जबकि यह बैठक 5 मार्च को तय हो चुकी थी। उनसे इस जानकारी को छिपाया गया। चेयरमैन से पहले सदस्यों ने ही व्हाट्सएप ग्रुप में जानकारी डाल दी थी।
पंचायत समिति के सदस्यों की एक साधारण बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में 6 करोड़ के करीब की ग्रांट को लेकर पक्ष-विपक्ष किया गया। पक्ष में 8 व विपक्ष में 20 सदस्य होने की वजह से इस बैठक में सहमति नहीं बनी व यह मीटिंग पास नहीं हो सकी।- अशोक मेहरा, बीडीपीओ
कांग्रेस समर्थित पंचायत समिति सदस्यों ने बजट वितरण पर असहमति जाहिर की है। उन्होंने बजट वितरण के विपक्ष में वोट किया है। जिसकी वजह से करीब 6 करोड़ 40 लाख का बजट वितरण बैठक में नहीं हो पाया। मैं चाहती हूं कि मेरे पंचायत का पूर्ण रूप से विकास हो, लेकिन कांग्रेस समर्थित सदस्य हर बार बैठक में हंगामा करके बजट वितरण को सिरे नहीं चढ़ने देते हैं।- नीलम रानी, चेयरपर्सन, पंचायत समिति