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गुरुग्राम की तर्ज पर हिसार में पीपीपी मोड पर बनाई जाएगी मल्टी स्टोरी पार्किंग

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हिसार। गुरुग्राम की तर्ज पर शहर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने इसे लेकर नगर निगम अधिकारियों को आदेश दिए हैं। सिटी थाने के सामने खाली जगह पर यह पार्किंग बनाई जानी प्रस्तावित है।
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बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मनोहर लाल 29 दिसंबर 2014 में पहली बार हिसार आए थे। उस दौरान उन्होंने शहर के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद निगम ने जमीन तलाशनी शुरू की। वर्ष 2018 में निगम को सिटी थाने के सामने जीएलएफ की 2 एकड़ एक कनाल 12 मरला जमीन मिली। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार को बजट उपलब्ध करवाना था। मगर वर्ष 2019 में निगम ने इसे पीपीपी मोड पर बनवाने का फैसला किया। वर्ष 2020 में निगम प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को सरकारी बजट से ही सिरे चढ़ाने का फैसला किया। इसी वर्ष सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट की असमर्थता जता दी। इसके बाद निगम ने इसे फिर से पीपीपी मोड से ही बनाने का निर्णय लिया।
गुरुग्राम में बनी मल्टी स्टोरी पार्किंग का ये है डिजाइन
गुरुग्राम के सेक्टर-29 में पीपीपी मोड पर बनी हुई है। केओडी के पास यह पार्किंग 2.89 एकड़ में बनी हुई है। चार मंजिल के अलावा इसमें डबल बेसमेंट बनाए गए हैं, जिसकी क्षमता 1450 गाड़ियों की है। ठेका देने वाली एजेंसी को यह पार्किंग 33 साल के लिए लीज पर दी हुई है। इसमें 70 प्रतिशत एरिया में कार पार्किंग और 30 प्रतिशत एरिया में बैंक्वेट हॉल, दुकानें, क्लीनिक शॉप, फूड कोर्ट के अलावा मल्टीप्लेक्स की सुविधा भी है। इसके बेसमेंट व दो मंजिल पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इस मल्टी पार्किंग की एवज में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) एजेंसी से हर साल ढाई करोड़ रुपये ले रहा है। पार्किंग की बिल्डिंग के निर्माण से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी एजेंसी की है।
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निगम प्रशासन को 30 सितंबर तक देनी है कार्रवाई रिपोर्ट
निकाय मंत्री ने निगम प्रशासन से मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। 30 सितंबर तक निगम को यह रिपोर्ट देनी है। चूंकि मल्टी स्टोरी पार्किंग प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री घोषणा में भी शामिल है तो इस प्रोजेक्ट की कार्रवाई रिपोर्ट भी देनी है।
प्रोजेक्ट को लेकर दोबारा होगा सर्वे, एजेंसी को जल्द जारी होगा वर्क ऑर्डर
उधर इस प्रोजेक्ट को लेकर दोबारा से सर्वे किया जाएगा। इसे लेकर मुख्यालय की तरफ से नियुक्त की गई एजेंसी को जल्द ही निगम वर्क ऑर्डर जारी करेगा। इस सर्वे को लेकर निगम एजेंसी को 6 लाख रुपये का भुगतान करेगा। हालांकि अभी इस प्रोजेक्ट को पीपीपी मोड पर बनाने के लिए कमेटी ऑफ सेक्रेटरी ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर की मंजूरी मिलनी बाकी है।
वर्जन
प्रोजेक्ट के दोबारा सर्वे के लिए एजेंसी को 6 लाख रुपये के भुगतान को लेकर मुख्यालय से अनुमति मिल गई है। जल्द ही एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। शहर में प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम की तर्ज पर ही तैयार किया जाएगा।
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-संदीप धुंधवाल, एक्सईएन, नगर निगम
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