हिसार। जिले में गुलाबी ठंड के बाद अब सर्दी अपना तेवर दिखाने लगी है। सुबह-शाम तापमान में गिरावट आंकी जा रही है। ऐसे मौसम में त्वचा की बीमारियां मुसीबत बढ़ा रही हैं। साफ-सफाई में लापरवाही व संक्रमण के कारण एक्जीमा, खुजली, दाद आदि के मरीज बढ़े हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में आधे से अधिक इन समस्याओं से पीड़ित हैं। वहीं निजी चिकित्सकों के पास भी ऐसे मरीजों की लंबी कतार है। वहीं मौसमी बीमारियों के बढ़ने के साथ नागरिक अस्पताल में दवाइयों का टोटा है। ऐसे में मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
प्रतिदिन आ रहे 70 से 80 मरीज
नागरिक अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ दिव्या मोहन ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन त्वचा रोग के 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। इन दिनों एक्जीमा, खुजली और दाद आदि के मरीज दवा लेने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी व बरसात के मौसम में वातावरण में नमी रहती है। इससे त्वचा की कोशिकाएं आपस में जुड़ी रहती हैं, लेकिन सर्दियों में ऐसा नहीं होता। ठंड के मौसम में कोशिकाओं में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखने लगती है और फटने की शिकायत शुरू हो जाती है। अधिक लापरवाही से त्वचा की ऊपरी के साथ निचली सतह भी प्रभावित होकर धीरे-धीरे सूखने लगती है। ऐसे में त्वचा की परत बाहर निकलने लगती है। बाद में वातावरण में मौजूद जीवाणुओं व गंदगी की वजह से त्वचा में संक्रमण के कारण फुंसी-फोड़ा, एक्जीमा, खुजली आदि चर्म रोग हो जाते हैं। इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
अस्पताल में नहीं मिल रही दवाइयां
नागरिक अस्पताल में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डेंगू के साथ बुखार, जुकाम, खांसी, गला खराब और एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। एक तरफ मरीजों की संख्या बढ़ रही है वहीं अस्पताल परिसर में दवाइयों का टोटा है। ऐसे में मरीजों को दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही है।
नहीं मिल रही ये दवाइयां
नागरिक अस्पताल में मरीजों को दवा देने के लिए दो डिस्पेंसरी हैं। अस्पताल परिसर में खांसी, जुकाम, कान की दवाइयां, एलर्जी की दवा, दौरा पड़ने पर मरीज को देने वाली दवा, खाली पेट लेने वाली दवा, कब्ज की दवा, मल्टी विटामिन, आंखों की दवाइयां, विटामिन बी की गोलियां आदि कई प्रकार की दवाइयां मरीजों को नहीं मिल रही है।
आ गई है दवाइयां : पीएमओ
अस्पताल परिसर में कुछ दवाइयां आ गई हैं और एक दो दिन में बाकी बची दवाइयां भी पहुंच जाएंगी। मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
डॉ. रत्ना भारती, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार