हिसार। अगर आप किसी सोसायटी के जरिये कार्ड वाले प्लॉट खरीदने जा रहे हैं तो जरा सचेत हो जाएं। इस प्लॉट को खरीदकर आप खुद को मुश्किल में डाल सकते हैं। नगर निगम ने अब कार्ड वाले प्लॉट को लेकर एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार निगम अपने रिकॉर्ड में किसी कार्ड वाले प्लॉट के मालिक का नाम नहीं बदलेगा। सिर्फ रजिस्ट्री के आधार ही प्लॉट मालिक का नाम बदला जाएगा। इस संबंध में निगम प्रशासन ने एक प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भी भेज दिया है ताकि प्रदेश भर में इस आदेश को लागू किया जा सके।
अभी तक यह व्यवस्था थी लागू
निगम अधिकारियों के अनुसार अभी तक कार्ड वाले प्लॉट का मालिक बदलने पर नया प्लॉट मालिक सोसायटी कार्यालय की तरफ से दिए जाने वाले दस्तावेज के आधार पर निगम के रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा लेता था। मगर अब इस व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है।
फर्स्ट पार्टी रजिस्ट्री के आधार पर ही बदलेगा नाम
निगम की नई व्यवस्था के अनुसार अब फर्स्ट पार्टी की रजिस्ट्री के आधार पर निगम अपने रिकॉर्ड में प्लॉट मालिक का नाम दर्ज करेगा। चूंकि इसमें फर्स्ट पार्टी वह सोसायटी ही बनती है, जिसने वह कॉलोनी काटी है। मतलब अब सोसायटी ही प्लॉट मालिक के नाम से रजिस्ट्री करवाकर देगी।
निगम की बढ़ेगी आय, सोसायटी व प्लॉट धारक को नुकसान
चूंकि रजिस्ट्री के समय स्टांप ड्यूटी लगती है। नियमानुसार स्टांप ड्यूटी में नगर निगम का हिस्सा भी होता है। ऐसे में इस फैसले से निगम की आय में बढ़ोतरी होगी। उधर प्लॉट की रजिस्ट्री होने से वह महंगा हो जाएगा। इस कारण से खरीदार को अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी। वहीं प्लॉट बेचने के नाम सोसायटी की तरफ से ली जाने फीस बंद होने से सोसायटी की यह आय भी बंद हो जाएगी।
शहर में कार्ड वाली कॉलोनियों की संख्या 150 से ज्यादा
प्रॉपर्टी डीलर हनुमान दास ने बताया कि आजाद नगर एरिया में ही कार्ड वाली करीब 25 से 30 कॉलोनियां हैं। इस स्थिति में शहर में ऐसी कॉलोनियों की संख्या 150 से ज्यादा होंगी।
अब सिर्फ रजिस्ट्री के आधार पर प्लॉट मालिक के नाम में बदलाव किया जाएगा। निगम ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए है। इसे लेकर सरकार को भी सुझाव भेजा गया है।
डॉ. प्रदीप हुड्डा, एएमसी, नगर निगम