हिसार। अब शहरी एरिया में फैक्टरी, रेस्टोरेंट व सिनेमा संचालकों को शहरी निकाय से ट्रेड लाइसेंस नहीं लेना होगा। शहरी स्थानीय निकाय ने इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक लाइसेंस के दोहरीकरण से बचाव के लिए यह फैसला किया गया है।
बता दें कि अभी तक अगर कोई व्यक्ति शहरी एरिया में फैक्टरी या रेस्टोरेंट शुरू करना चाहता था तो उसे फैक्टरी के लिए उद्योग विभाग व रेस्टोरेंट के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेना पड़ता था। इसके अलावा उसे शहरी निकाय से भी ट्रेड लाइसेंस लेना पड़ता था। यह दोहरीकरण को रोकने के लिए उन्हें यह छूट प्रदान की गई है।
इन संस्थानों को नहीं लेना होगा ट्रेड लाइसेंस
फैक्टरी, खाने-पीने के संस्थान (रेस्टोरेंट), मनोरंजन स्थल (सिनेमा, सर्कस, मनोरंजन पार्क)
सरकार तय करेगी ट्रेड लाइसेंस फीस
वहीं अब प्रदेश सरकार ही ट्रेड लाइसेंस फीस तय करेगी और सभी निकाय उसी के अनुसार फीस लेंगी। अभी तक शहरी निकाय को यह छूट दी गई थी कि वह अपने हिसाब से ट्रेड लाइसेंस फीस तय कर सकती थीं। बस उन्हें इसे हाउस की बैठक में पारित करवाना होता था।
कुता, बिल्ली व पक्षी पालने के लिए निमायुक्त से लेनी होगी अनुमति
इसके अलावा शहरी एरिया में कुता, बिल्ली व पक्षी पालने के लिए निगमायुक्त से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद भी उक्त व्यक्ति को निकाय की तरफ से लाइसेंस दिया जाएगा।
वर्जन
हरियाणा म्युनिसिपल कारपोरेशन एक्ट 1994 में कुछ संशोधन किए गए हैं। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें ट्रेड लाइसेंस को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं।
डॉ. प्रदीप हुड्डा, एएमसी, नगर निगम, हिसार
वर्जन
सरकार ने व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस से छूट देने का जो फैसला किया है, यह अच्छी बात है। सरकार को कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए, जिससे व्यापारियों को नुकसान पहुंचे। - बजरंग गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल