बास। क्षेत्र के गांव सोरखी में हत्या व लूटपाट के आरोप में जेल में बंद रहे एक व्यक्ति के बैंक खाते से उसके भतीजे और भतीजे की पत्नी ने 2.80 लाख रुपये निकाल लिए। उसे जेल में काम करने के भी जो पैसे मिले, वह भी निकाल लिया। बास पुलिस ने सोरखी निवासी टेकराम की शिकायत पर उसके भतीजे सुनील, सुनील की पत्नी गीता, बैंक कैशियर कर्मवीर व बैंक मैनेजर पवन गर्ग के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
सोरखी निवासी टेकराम ने बताया कि वह हत्या लूटपाट जैसे मुकदमों में पलवल, राजस्थान व फरीदाबाद की जेल में बंद था। उसका भतीजा सुनील और पत्नी गीता इस दौरान घर पर आते जाते रहते थे। उस समय घर पर उसकी पत्नी रीना व एक नाबालिग बेटा रहते थे। भतीजा केस की पैरवी के लिए के घर से कागजात आदि ले जाता रहता था। हमारे परिवार को उन पर पूरा विश्वास था। उसके घर का सारा कार्य उसकी अनुपस्थिति में सुनील व गीता पर ही छोड़ रखा था। वर्ष 2016 में जेल से बाहर आया, उस समय भी दोनों पति पत्नी उनके घर आते जाते रहे। उसका सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक सोरखी में बैंक खाता है और उसका लेन-देन इसी बैंक से होता रहा है। टेकराम के जेल में जाने से पहले भी प्रार्थी का लेन-देन इसी बैंक से है और जेल से आने के बाद भी इसी बैंक से लेन-देन चलता रहा। वर्ष 2016 में जब उन को पैसों की जरूरत थी। बैंक से पैसे निकलवाने गया तो खाते में राशि नहीं मिली। इसके बाद बैंक वालों से स्टेटमैंट मांगी तो बैंक वालों ने देने से मना कर दिया। गड़बड़ी का संदेह होने पर उसने एक आरटीआई दिसंबर 2021 को लगाई। इसके बाद मिली स्टेटमेंट से पता चला कि 22 जनवरी, 2016 को सुनील व उसकी पत्नी ने फर्जी चेक से 2 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए, जबकि वह जेल में था। इस साजिश में बैंक कैशियर व मैनेजर भी शामिल थे। आरोप है कि कैशियर कर्मबीर जन्मतिथि के फर्जी कागजात तैयार करके बैंक में नौकरी कर रहा है। बास थाना प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि मामले की जांच हांसी इकॉनामिक्स सेल द्वारा की गई है।