नीट में सफलता पाने वाली किसान की बेटी श्रुति।
हिसार। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के रिजल्ट में हिसार जिले के विद्यार्थियों ने बेहतरीन मार्क्स लेकर ऑल इंडिया में जगह बनाई है। हिसार के छात्र वंश बजाज ने 705 अंक लेकर ऑल इंडिया में 122वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा बड़ाला निवासी किसान कंवल सिंह की बेटी श्रुति ने 720 में से 700 अंक लेकर 272वीं रैंक प्राप्त की। श्रुति आरपीएस स्कूल हांसी की छात्रा है। उसकी मां सुनीता गृहिणी हैं। श्रुति ने बताया कि इसी वर्ष उसने बारहवीं की परीक्षा पास की थी। नीट का उसका यह पहला प्रयास था। श्रुति की इस सफलता पर उसके पिता कंवल सिंह, चाचा राजपाल, विरेंद्र सिंह ने बधाई दी। वहीं हिसार की महक ने 691 अंक लेकर 635वीं तो दूसरी महक ने 686 अंक लेकर 1000वीं रैंक हासिल कर परिवार व जिले का नाम रोशन किया।
बहन के बाद अब आर्यन ने पास की परीक्षा
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सिवानी मंडी। श्री महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी घंघाला निवासी आर्यन ने 653 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में 6150वीं रैंक प्राप्त की है। उनके पिता राममेहर सरकारी अध्यापक हैं, जबकि मां गृहिणी है। आर्यन ने बचपन से डाॅक्टर बनने का संकल्प लिया था। आर्यन की बड़ी बहन अंजलि ने भी पांच साल पहले 720 में से 629 अंक प्राप्त करके नीट की परीक्षा पास की थी, जो अब कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज करनाल में अपनी डाॅक्टर की पढ़ाई पूरी कर रही हैं। विद्यालय के चेयरमैन गोविंदराम बंसल, निदेशक मोहित बंसल ने होनहार को बधाई दी। संवाद
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गांव गरवा की पहली डॉक्टर बनेगी मानसी लाखलान
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सिवानी मंडी। गांव गरवा निवासी मानसी लाखलान ने 620 अंक के साथ ऑल इंडिया में 18156वीं रैक प्राप्त की है। सामान्य श्रेणी में 7906वीं रैंक है। मानसी ने सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई हिसार के ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल से उत्तीर्ण की थी। मानसी ने दसवीं कक्षा में 493/500 अंक प्राप्त करके देशभर में सातवां स्थान प्राप्त किया था। मानसी के पिता बलवान सिंह लाखलान हरियाणा तकनीकी शिक्षा, पंचकूला में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। मां नीलम गृहिणी हैं। वे गांव से पहली डॉक्टर बनेंगी। संवाद
पहले ही प्रयास में सीरत ने पाया मुकाम
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नारनौंद। गांव लोहारी राघो की बेटी सीरत ने 645 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है। सीरत ने पहले ही प्रयास में यह मुकाम पाया है। सीरत के पिता श्यामसुंदर किसान हैं। माता इंग्लिश की अध्यापिका हैं। सीरत ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता एवं अध्यापकों को दिया है। सीरत को डॉक्टर बनने की प्रेरणा अपने मामा के लड़के से मिली है। सीरत कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। संवाद
नीट में सफलता पाने वाली किसान की बेटी श्रुति।