हिसार। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 20 हजार एकड़ क्षेत्र में बिजाई का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें 16 हजार एकड़ में सामान्य फसल व 4 हजार एकड़ में बागवानी होगी। प्रत्येक ब्लॉक में 50 एकड़ खेती प्रदर्शनी के तौर पर कराई जाएगी। यहां किसान खेती की विधि को सीखने जाएंगे। इसके लिए किसानों को 4 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाएगा।
खेती में उर्वरक व कीटनाशकों का प्रयोग कम करने के उद्देश्य से सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़वा देने का निर्णय लिया है। खेती की इस विधि को शून्य लागत विधि भी कहा जाता है। क्योंकि इसमें खेत में बीज के अलावा कोई अन्य रसायन बाहर से नहीं डाला जाता। बीजोपचार या अन्य उपचार के लिए गोमूत्र व गोबर के घोल व बैक्टीरिया से तैयार जीवा मृत का ही प्रयोग होता है। अभी इस विधि से बिजाई में फसल उत्पादन में कमी आती है, लेकिन आने वाले समय में इसके अच्छे परिणाम आएंगे। इसलिए सरकार ने प्रोत्साहन के तौर पर किसानों को चार हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान की घोषणा की है। इस साल पूरे प्रदेश में 20 हजार एकड़ क्षेत्रफल में प्राकृतिक विधि से खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से चार हजार एकड़ में बागवानी होगी। शासन ने इसके लिए सभी जिलों के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को पत्र जारी कर दिया है।
किसान पोर्टल पर कर रहे हैं आवेदन
कृषि विभाग के अफसरों के अनुसार इस योजना के तहत किसान पोर्टल पर पंजीकरण करा रहे हैं। हिसार जिले में अभी तक 282 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं। योजना के तहत इस जिले में 1050 एकड़ में खेती होनी है, जिसमें से 750 एकड़ हिसार उप मंडल व 300 एकड़ हांसी उपमंडल में कराई जाएगी। प्रत्येक ब्लॉक में 50 एकड़ खेती प्रदर्शनी के लिए होगी। इसका उद्देश्य यह है कि अन्य किसान वहां जाकर प्राकृतिक खेती के तरीके व लाभ आदि की जानकारी अनुभव के आधार पर सीख सकें।
जिलेवार लक्ष्य (एकड़ में)
1- अंबाला-450
2- भिवानी-1200
3- चरखीदादरी-600
4- फरीदाबाद-350
5- गुरुग्राम-500
6- हिसार -1050
7- झज्जर-600
8- जींद-1000
9- कैथल-600
10- करनाल-1000
11- कुरुक्षेत्र-1000
12- महेंद्रगढ़-750
13- नूंह-600
14- पलवल-750
15- पंचकुला-350
16- पानीपत-950
17- रेवाड़ी-750
18- रोहतक-750
19- सिरसा-950
20- सोनीपत-850
21- यमुनानगर-400
22- फतेहाबाद-350
प्राकृतिक विधि से खेती के लिए लक्ष्य आवंटन की सूचना मिलने के उपरांत अगली कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। अभी किसान अपना पंजीकरण करा रहे हैं। किसानों को इस नवीन विधि से बिजाई के लिए प्रशिक्षण दिलाने समेत अन्य सभी जरूरी तैयारियां चल रही हैं। - विनोद कुमार फोगाट, उप निदेशक कृषि, हिसार