हांसी। एसडी महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम निरीक्षण करने के लिए पहुंची। टीम ने महाविद्यालय के बीते पांच वर्षों का रिकॉर्ड जांचा। टीम यहां पर सोमवार को भी निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट निदेशालय को सौंपी जाएगी।
निरीक्षण में अगर सब सही मिला को महाविद्यालय को ए ग्रेड मिलने का अनुमान है। फिलहाल कॉलेज के पास बी-ग्रेड है। रविवार सुबह ही नैक टीम महाविद्यालय पहुंची। प्रोफेसर डॉ. उमा भारद्वाज को टीम की चेयरपर्सन बनाया गया है। वहीं प्रोफेसर नेसार अहमद को कोऑर्डिनेटर सदस्य व प्रोफेसर अशोक को सदस्य बनाया गया है।
नैक टीम के आगमन पर रविवार शाम महाविद्यालय के सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक विनोद भयाना, महाविद्यालय के प्रशासक व एसडीएम मोहित महराणा भी उपस्थित रहे। नैक टीम के आने को लेकर महाविद्यालय का पूरा स्टाफ बीते कई दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था। टीम के आने से पहले उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने राजकीय महाविद्यालय की गणित विभाग की प्रोफेसर डॉ. हर्षा अरोड़ा व प्रोफेसर अनिल कुमार को एसडी महिला महाविद्यालय में डेपुटेशन पर नियुक्त किया है।
आधारभूत संरचना और कॉलेज की उपलब्धियों की जानकारी ली
महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. एसके गुप्ता ने नैक टीम को महाविद्यालय व छात्राओं की उपलब्धि के बारे में जानकारी दी। टीम के सदस्यों ने महाविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे, सेमिनार रूम, कैंटीन, म्यूजिक रूम की जांच की। साथ ही यहां के शिक्षा की सुविधाओं, आधारभूत संरचना, यहां पढ़ाए जाने वाले विषयों के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही खेल, सांस्कृतिक, साहित्यिक व शैक्षणिक गतिविधियों में कॉलेज की उपलब्धियां, छात्राओं की संख्या, शिक्षकों की संख्या, लाइब्रेरी, स्टाफ, खेल मैदान, ऑडिटोरियम, पार्क, पार्किंग, कैंटीन सहित कॉलेज परिसर में स्टाफ व छात्राओं को दी जाने वाली हर प्रकार की सुविधाओं का निरीक्षण किया जाएगा। अगर नैक की टीम संतुष्ट होती है तो महाविद्यालय को उसी आधार पर ग्रेड दिया जाएगा।
क्षेत्र में एकमात्र महिला महाविद्यालय
एसडी महिला महाविद्यालय क्षेत्र में यह एकमात्र महिला महाविद्यालय है। महाविद्यालय की स्थापना 1970 में 1008 स्वामी गणेशानंद महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद के तहत की गई थी। पहले साल यहां 120 छात्राओं ने दाखिला लिया था। फिलहाल यहां करीब 2500 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
ग्रेड बढ़ने से यह होगा लाभ
नैक संस्थानों को ग्रेडिंग देता है। इसके आधार पर ही महाविद्यालयों की गुणवत्ता तय होती है। महाविद्यालय को ए ग्रेड मिलने के बाद सरकारी की ओर से मिलने वाली सुविधाओं और ग्रांट में बढ़ोतरी होगी। जिससे छात्राओं व महाविद्यालय के स्टाफ को फायदा होगा।