हिसार। बरवाला पंचायत समिति के चुनाव में चेयरमैन चुने जाने के बाद चुनाव रद्द किए जाने पर सतीश खेदड़ इसके लिए भाजपा की सहयोगी जजपा को जिम्मेदार ठहराया है। अब सात फरवरी को बरवाला पंचायत समिति में महिला चेयरपर्सन चुनी जाएगी। अमर उजाला से बातचीत में सतीश खेदड़ ने कहा कि यह साजिश जजपा ने रची है। इस मामले को लेकर मैं सीएम मनोहरलाल से मिलूंगा। अगर जरूरत पड़ी तो अदालत भी जाएंगे। अदालत जाने के मामले में सोमवार को अंतिम फैसला लेंगे।
सतीश खेदड़ ने कहा कि हमने कुछ साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों की इस गलती की सजा किसी जनप्रतिनिधि को नहीं मिलनी चाहिए। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। दोषी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। नए सिरे से चेयरपर्सन चुने जाने का जो पत्र जारी किया गया है वह भी डुप्लीकेट है। पंचायत समिति के सदस्यों का चुनाव नवंबर माह में ही पूरा हो गया था। एक महीने बाद चेयरपर्सन का चुनाव हुआ था। अधिकारी चाहते तो इस समय में आरक्षण संबंधी जानकारी ले सकते थे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे रद्द किया जाना पूरी तरह से गलत है।विरोधियों ने यह साजिश रची है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम मनोहरलाल से मिलकर इस साजिश का खुलासा करूंगा।
3 जनवरी को चेयरमैन चुने गए थे सतीश खेदड़
बरवाला पंचायत समिति में 30 सदस्य हैं। यहां चेयरमैन पद के लिए भाजपा- जजपा की टक्कर थी। चेयरमैन पद के लिए तीन जनवरी 2023 को चुनाव हुआ था। जिसमें भाजपा सतीश खेदड़ को चेयरमैन बनाने में सफल रही थी। सतीश खेदड़ को 16 वोट मिले थे। जजपा विकास सोनी को अपना वाइस चेयरमैन बनाने में कामयाब हुई थी।
दोषी कौन अभी नहीं पहचान
निर्वाचन कार्यालय ने इस मामले में उपायुक्त को पत्र लिखकर दोषी की जांच के लिए लिखा है। पंचायत विकास विभाग के मुख्यालय तथा जिला कार्यालय के बीच पत्राचार में यह गड़बड़ी हुई है। मुख्यालय के अधिकारी ईमेल, व्हाट्स एप तथा रजिस्टर्ड डाक से सूचना भेजने की बात कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारी ईमेल, रजिस्टर्ड डाक से ऐसी कोई सूचना न आने की बात कह रहे हैं।
आदमपुर चेयरपर्सन पर भी संकट
आदमपुर पंचायत समिति चेयरमैन चुनाव को भी अधिसूचना के लिए नहीं भेजा गया है। जिसमें उपस्थित सदस्यों तथा वोटिंग में हिस्सा लेने वाले सदस्यों की संख्या को लेकर लीगल एक्सपर्ट से व्यू मांगा गया है। मुख्यालय से इस बारे में अभी रिपोर्ट नहीं आई है।