हिसार। मूर्ति प्रकरण में सीआईए की टीम आरोपी बिमलेश और बबलू को लेकर यूपी के फर्रुखाबाद जिले के गांव नगलामान में तहकीकात करने के लिए पहुंची। सीआईए टीम ने यूपी पुलिस की मदद से बाबा रामदास की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को उसके गांव समेत तीन स्थानों पर दबिश दी। सीआईए टीम ने स्थानीय पुलिस से बाबा रामदास की आपराधिक ब्योरा भी मांगा है। हिसार की टीम मूर्ति के बारे में भी साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है।
मूर्ति प्रकरण में सीआईए पुलिस ने फर्रुखाबाद के नगलामान निवासी बिमलेश को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया है। इससे पहले पुलिस यूपी के शाहजहांपुर जिला निवासी बबलू को भी गिरफ्तार कर चुकी है। बुधवार को पुलिस इन दोनों को साथ लेकर नगलामान पहुंची। पुलिस अब इस मामले में बाबा रामदास की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। पुलिस को भरोसा है कि रामदास की गिरफ्तारी से इस प्रकरण की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। बता दें कि जिस मूर्ति को लेकर यह पूरा बवाल चल रहा है कि वह बाबा रामदास को मिली थी। बाबा रामदास ही बता सकेंगे कि उन्हें मूर्ति कहां से और कैसे मिली थी। खोदाई में मूर्ति मिलने की बात को पुलिस सही नहीं मान रही। माना जा रहा है कि मूर्ति किसी मंदिर से चोरी की गई होगी।
मूर्ति प्रकरण में एडीजीपी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। एसआईटी की जांच में फतेहाबाद की एसपी आस्था मोदी की अहम भूमिका है। सिरसा के एसपी अर्पित जैन को एसआईटी का हेड बनाया गया है। टीम में सिरसा के एएसपी, हिसार के एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। एडीजीपी ने प्राचीन मूर्ति हड़प कर उसके बिस्किट बनाने के मामले में सीआईए-2 हांसी के इंचार्ज सहित सभी आठ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था।