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Hisar News: हिसार में 3 हजार एकड़ में बनेगा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

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हिसार। शहर में करीब 3 हजार एकड़ में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) बनाया जाएगा। एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहण की गई 7200 एकड़ जमीन में से ही 3 हजार एकड़ जमीन पर यह पार्क बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना के तहत इसका निर्माण किया जाएगा। इसे लेकर जल्द ही प्रदेश सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन के साथ समझौता करेगी। एमएमएलपी के बनने से न सिर्फ शहर का आर्थिक विकास होगा, बल्कि लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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बता दें कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार के पास हिसार में एमएमएलपी बनाने के लिए प्रपोजल भेजा था। उनका तर्क था कि हिसार में उन सभी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है, जो एमएमएलपी के लिए जरूरी है। लॉजिस्टिक पार्क को खास तौर पर रसद संचालन (लॉजिस्टिक ऑपरेशन) के लिए विकसित किया जाता है। यह अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ रसद संबंधित सभी जरूरतों की पूर्ति करते हैं। एमएमएलपी में माल के भंडारण के लिए एडवांस सिस्टम से युक्त कोल्ड स्टोरेज उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें लंबे समय के लिए माल को स्टोर किया जा सकता है। ऐसे में जब स्थानीय स्तर पर माल की आवश्यकता होती है, तो इन्हीं लॉजिस्टिक पार्क से माल को सप्लाई कर दिया जाता है। ऐसे में न सिर्फ सही समय पर माल की उपलब्धता हो जाती है, बल्कि माल की कीमत भी काफी कम हो जाती है। इतना ही नहीं बल्कि मल्टी मोड ट्रांसपोर्टेशन से संबंधित सुविधाएं जैसे पार्किंग, गैराज, मैकेनिक की सुविधा, पेट्रोल पंप, गोदाम, ट्रांसपोर्टर्स और श्रमिकों के लिए ठहरने, खाने की सुविधा इत्यादि सभी जरूरतों को देखते हुए लॉजिस्टिक पार्क को डेवलप किया जाता है।

यूं जरूरी है लॉजिस्टिक पार्क

लॉजिस्टिक प्रक्रिया के माध्यम से कच्चे माल व खाद्य वस्तुओं को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक ट्रांसपोर्ट के माध्यम से पहुंचाया जाता है। इस दौरान ट्रांसपोर्टेशन में लगने वाला समय, कीमत, माल का स्टोरेज इत्यादि ऐसे ढेरों कारक होते हैं, जिनसे माल की कीमत प्रभावित होती है। इसमें मैनपावर भी अधिक लगती है। कई बार माल खराब हो जाता है, और समय पर माल उपलब्ध भी नहीं हो पाता है। इन्ही सब समस्याओं को देखते हुए लॉजिस्टिक पार्क बनाए जा रहे हैं।
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इन कारणों से शहर का किया चुनाव

लॉजिस्टिक पार्क के लिए सबसे जरूरी है कि जहां इसका निर्माण किया जा रहा है, उसका बड़े शहरों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ाव हो। चूंकि शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बन रहा है। एयरपोर्ट के बनने से हिसार हवाई मार्ग के माध्यम से न सिर्फ देश के बड़े शहरों से, बल्कि विदेशों से भी जुड़ जाएगा। मतलब यहां से माल देश के हर हिस्से और विदेशों में भेजा जा सकेगा। वहीं हिसार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीच रिजॉर्ट रैपिड ट्रांजिट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इससे वाया रेल मार्ग हिसार से दिल्ली के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। साथ ही हिसार से डेडिकेटेड रेल फ्रेट कॉरिडोर गुजरने की बात कही जा रही है। इसके अलावा हिसार से दिल्ली के बीच रोड कनेक्टिविटी को भी और बेहतर बनाया जाएगा। इसमें सबसे महत्वपूर्ण कारण यह भी रहा कि यहां एमएमएलपी निर्माण के लिए जमीन आसानी से उपलब्ध हो रही है।

एमएमएलपी के बनने से इन क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

एमएमएलपी के बनने से सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एमएमएलपी के बनने से यहां बड़ी संख्या में गोदाम बनेंगे, जिनके संचालन के लिए मैनपावर की जरूरत होगी। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर के विकसित होने से इससे जुड़े उद्योग-धंधे भी लगेंगे। इनसे भी काफी लोगों को रोजगार मिलेगा।



जहां-जहां एमएमएलपी बने हैं, उन शहरों का काफी विकास हुआ है। अगर हिसार में भी इसका निर्माण होता है तो सिर्फ हिसार को नहीं, बल्कि आसपास जिलों के लोगों को इसका फायदा मिलेगा। - जनक कुमार, सहायक निदेशक, एमएसएमई
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