में हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
संसद में चल रहे शीतकालीन सत्र में हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह ने धान व गन्ने की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग उठाई है। सांसद ने कहा कि हरियाणा की कृषि मुख्य रूप से दो फसलों गेहूं और धान पर आधारित है।
हरियाणा अर्ध-शुष्क क्षेत्र की श्रेणी में आता है, लेकिन इसके बावजूद सिंचाई नहरों और भूमिगत जल में नलकूपों के प्रयोग से हरियाणा के लगभग दो-तिहाई क्षेत्र में धान की खेती होती रही है और यही कारण है कि हरित क्रांति का अधिकतर लाभ क्षेत्र को और देश को मिल सका।
वर्ष 2019-2020 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में संशोधन किया गया, जिसे हरियाणा सरकार ने अधिसूचित किया और स्थानीय आपदाओं में से धान और गन्ने की फसल को अत्याधिक जलभराव से होने वाले नुकसान से निकाल दिया था।
वर्ष 2019 से पहले यदि जलभराव से धान व गन्ने की फसल खराब होती थी तो उसका मुआवजा बीमे के माध्यम दिया जाता था, जिसे दो साल से बंद कर दिया गया। वह सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह इस पर पुनर्विचार करे और किसानों को राहत प्रदान करे।