हिसार। सांसद बृजेंद्र सिंह ने लोकसभा में प्रदेश सरकार की ओर से गुरुग्राम-नूंह में बनाए जाने वाले जंगल सफारी पर सवाल पूछा। इसमें उन्होंने पूछा कि यह अरावली की पहाड़ियों को संरक्षित करने के लिए बनाए गए कंजरवेशन एक्ट 1980 का उल्लंघन तो नहीं होगा?
सांसद की ओर से पूछे गए अतारांकित सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने जवाब देते हुए कहा कि अब तक हमें परिवेश पोर्टल पर फोरेस्ट लैंड को डायवर्जन कर जंगल सफारी पार्क बनाने का प्रस्ताव नहीं मिला है। मंत्रालय को 8 जून 2022 को विस्तृत दिशा निर्देश प्राप्त हुए। इसमें यह स्वीकार किया गया कि फोरेस्ट की जमीन पर जू बनाया जा सकता है। स्टेट जू अथारिटी की एक्टिविटी को वानिकी क्षेत्र के अधीन ही स्वीकार किया गया है। इस कारण सफारी पार्क बनाने को एक्ट का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।