काठमांडू के अस्पताल में दाखिल पर्वतारोही मीनू।
हिसार। जिले के गांव डाटा की रहने वाली पर्वतारोही मीनू ने माउंट एवरेस्ट के बाद माउंट ल्होत्से पर तिरंगा फहराया। माउंट ल्होत्से को फतह कर लौट रही मीनू की सर्दी व बर्फ के कारण सेहत बिगड़ गई। उनके एक हाथ की उंगली व अंगूठे में इंफेक्शन बढ़ गया। ऐसे में उनके साथ रही टीम के सदस्यों ने कैंप-2 से मीनू का रेस्क्यू किया और काठमांडू अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पांच दिन तक उनका इलाज चलेगा।
पर्वतारोही मीनू के पिता कृष्ण कुमार ने बताया कि बेटी ने बीते बुधवार को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था। यहां से उसे करीब 200 मीटर नीचे माउंट ल्होत्से फतह करनी थी। 19 मई को मीनू ने ल्होत्से को भी फतह कर लिया। चोटी से नीचे लौटते समय मीनू की सेहत बिगड़ गई। ऐसे में उसके साथी बोधराज ने इस बारे में उन्हें बताया। इसके बाद परिवार को बेटी की चिंता सताने लगी। अगले दिन ही पिता सहित परिवार के सदस्य मीनू से मिलने काठमांडू अस्पताल पहुंच गए।
माउंट एवरेस्ट को पहली बार किया फतह
मीनू ने पहली बार में ही माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होेने के बाद भी पिता ने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए 35 लाख रुपये का कर्ज लिया। मीनू के पिता कृष्ण कुमार किसान हैं।
माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान मौसम खराब के कारण काफी दिक्कत आई। इस कारण काफी दिन तक बेस कैंप में डटी रहीं। इस दौरान मैंने हिम्मत नहीं हारी। मेरा सपना था कि पहली बार में ही माउंट एवरेस्ट को फतह करूं। मैंने वो सपना पूरा किया। इसके बाद मैंने माउंट ल्होत्से भी फतह की, लेकिन सर्दी व बर्फ के कारण एक हाथ की उंगली में ज्यादा इंफेक्शन हो गया, जिस कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अभी मैं पहले से बेहतर महसूस कर रही हूं। - मीनू, पर्वतारोही