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Hisar: बेबस पत्नी, बेटी करती रहीं मिन्नतें पर हमलावरों ने एक न सुनी, विकास के शरीर पर मिले 80 से ज्यादा निशान

Thu, 04 Aug 2022 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी, हिसार (हरियाणा)

सार

डडल पार्क एरिया में हिस्ट्रीशीटर विकास की बेरहमी से हत्या के मामले का सीसीटीवी वीडियो विचलित करने वाला है। इस में दिख रहा है कि कैसे बच्चे और विकास की पत्नी हमलावरों से मिन्नतें मांग रही हैं लेकिन वो एक न सुन रहे।
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बेबस पत्नी और लाचार बेटी करती रहीं मिन्नतें पर हमलावरों ने एक न सुनी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के हिसार जिले के हांसी में डडल पार्क निवासी 27 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर विकास वर्मा की हत्या के दौरान उसके शरीर पर 80 से ज्यादा वार किए गए। सबसे ज्यादा वार गर्दन और दोनों पांवों पर मिले हैं। वहीं वारदात के दौरान गली में मृतक की पत्नी और लाचार बेटियां चीखती-चिल्लाती रहीं, लेकिन कोई बचाने तक नहीं आया।

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विकास की छह वर्षीय बड़ी बेटी आरोपियों के पीछे भाग रही थी। वह हमलावरों से बोलती रही... मेरे पापा को छोड़ दो, मेरे पापा को छोड़ दो, लेकिन आरोपियों ने एक न सुनी। पत्नी भी अपने पति को बचाने के लिए मिन्नतें करती रही। इसके बावजूद सात आरोपियों ने बेरहमी से विकास की हत्या कर दी।

मृतक की पत्नी नैना ने बताया कि पति विकास 21 जुलाई को ही जमानत से बाहर आए थे। सुरक्षा के लिए दीवार पर कांच के टुकड़े लगाए हुए थे। हमलावर सीढ़ी की मदद से घर में घुसे और दरवाजा तोड़ कमरे में पति पर हमला कर दिया। इसके बाद गली में जान बचाने के लिए भागा, लेकिन हमलावरों ने उसे पकड़ लिया और बेरहमी से हत्या कर दी। घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए गहनता से जांच कर रही है। विकास की दूसरी बेटी महज चार साल की है। वह भी मौके पर मौजूद थी।
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चौधर की लड़ाई में हत्या की आशंका
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास की हत्या में शामिल मिल्खा समेत अन्य आरोपी पहले विकास के साथ ही रहते थे। उन पर पहले भी कई केस दर्ज हैं। किसी बात को लेकर विवाद होने पर उन्होंने अलग-अलग गिरोह बना लिए। चौधर की लड़ाई के चलते हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। विकास पर हमला करने वाले गिरोह का मुख्य सरगना मिल्खा बताया जा रहा है। मिल्खा पर भी पहले हत्या के प्रयास, मारपीट और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज है।

थाना प्रभारी नरेंद्र पाल का कहना है कि दोनों गिरोह में आपराधिक किस्म के व्यक्ति हैं। मृतक के खिलाफ भी हत्या के प्रयास सहित करीब 21 मामले दर्ज हैं, जो कोर्ट में विचाराधीन हैं। वहीं विकास की हत्या के आरोपी मिल्खा पर भी 307 व मारपीट आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला
विकास की हत्या के मामले में हांसी पुलिस ने चार कुतुब गेट निवासी कालू ढाणा, गामड़ी निवासी मिल्खा, कृष्णा कॉलोनी निवासी अंकित, चार कुतुब गेट राहुल, गणेश कॉलोनी निवासी अजय, गणेश कॉलोनी निवासी अजय उर्फ छोटा व हांसी निवासी रोहित वर्मा सहित तीन अन्य खिलाफ केस दर्ज किया है।

पति को छोड़ने के लिए पत्नी ने हमलावरों के पकड़े पांव
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि करीब दो मिनट तक हमलावर बेरहमी से विकास पर हमला करते रहे। जब विकास को हमलावर गली में लेकर आए तो उनकी बेटी उनके पीछे-पीछे आई और हमलावरों को पकड़ने लगी। उसके पीछे विकास की पत्नी और छोटी बेटी दौड़ती हुई आती है। उसकी पत्नी सड़क पर पड़े पत्थर को उठाती है और एक हमला पर फेंकती है। उसके बाद वह हमलावरों को पकड़ती है। एक हमलावर उसे पकड़ कर साइड में ले जाता है। उस समय वह हमलावर के पति को छोड़ने के लिए पांव पकड़ती हुई दिखाई दे रही है। दो मिनट तक हमलावर हमला करते हैं, उसके बाद मौके से फरार हो जाते हैं। बाद में बड़ी बेटी अपने पिता के पास आती है और उसे उठाने का प्रयास करती है।

मौके पर एंबुलेंस पहुंचती तो बच सकती थी विकास की जान
पूर्व पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि अजय सैनी ने बताया कि रात ढाई बजे डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने किला बाजार चौकी इंचार्ज को फोन किया तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कई बार एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन किया। एंबुलेंस भी मौके पर नहीं पहुंची। करीब 30-35 मिनट बाद स्वयं विकास को अपने साथ अस्पताल लेकर गए, अगर मौके पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद विकास की जान बचाई जा सकती थी। विकास का काफी खून बह गया था और दीवारों पर भी खून के निशान थे।

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