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Hisar News: रिहायशी क्षेत्रों में बंदरों व बेसहारा पशुओं का हल्ला बोल, अफसर बोले- आचार संहिता लागू, जरा संभलकर रहें

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बरवाला घर की छत पर बैठे बंदर
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बरवाला। शहर के लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं। वहीं बेसहारा पशुओं ने नाक में दम किया हुआ है। कई लोग बंदरों के हमले से घायल हो चुके हैं तो बेसहारों की चपेट में आने से कुछ लोगों की जान खतरे में पड़ चुकी है। शिकायत के बावजूद नगर पालिका प्रशासन बंदरों व बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। एक तरफ बंदरों व बेसहारा पशुओं का हल्ला बोल चल रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि चुनाव पास हैं, टेंडर नहीं लगा सकते। आचार संहिता लागू है, ऐसे में लोग जरा संभलकर रहें।
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क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका सचिव गौरव शर्मा को ज्ञापन सौंपकर बेसहारा पशुओं, बंदरों व गलियों में नाजायज पार्किंग बंद करवाने की मांग की थी। सतीश कुमार, सुभाष चंद्र, रमेश कुमार, देवेंद्र गिल, राज कुमार बजाज, संजय सिंगला, नरेंद्र वधवा, रमेश, जगदीश रहेजा, जेके चानना, राज कुमार सरदाना का कहना है कि क्षेत्र में पशुओं व बंदरों का काफी खौफ है। शहर से बंदरों व लावारिश पशुओं को पकड़ा जाए ताकि आमजन को कुछ राहत मिले। बता दें कि शहर से बंदर पकवड़ाने को लेकर नगर पालिका चेयरमैन रमेश बैटरीवाला पिछले एक वर्ष से कह रहे हैं कि हाउस की मीटिंग में फाइनल हो गया है जल्द ही टेंडर लगवाकर शहर से बंदर पकड़वाएंगे। इंतजार इतना लंबा रहा कि आचार संहिता लग गई। ऐसे में नया टेंडर लगाने का काम नहीं हो सकेगा। लोगों को अभी इन समस्याओं से निजात नहीं मिल पाएगी।
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शहरवासियों की ओर से कुछ दिन पहले एक पत्र मिला। इसमें बेसहारा पशुओं, बंदरों व नाजायज पार्किंग का जिक्र किया गया है। आचार संहिता के चलते अभी टेंडर नहीं लगाया जा सकता। आगामी कार्रवाई आचार संहिता के पश्चात की जाएगी। - गौरव शर्मा, सचिव, नगर पालिका
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