हिसार। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के आरोपी पिता को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार मेहता की अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत दोषी को 21 अगस्त को सजा सुनाएगी।
सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 11 जनवरी 2020 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार घटना के बाद एक गांव की नाबालिग लड़की अपनी मां के साथ थाने में पहुंची थी। उसने पुलिस को बयान देकर कहा था कि ऑटो रिक्शा चालक उसके पिता शराब पीकर अक्सर मेरी मां के साथ मारपीट करते हैं। मां रोज की प्रताड़ना से तंग होकर हमें छोड़कर अपने भाई के घर जाकर राजस्थान में रहने लगी। हम सब 11 जून 2018 की रात को खाना खाकर घर में सो गए। देर रात पिता ने मेरे साथ दुष्कर्म किया और वह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीडि़ता ने कहा कि पिता सुबह ऑटो लेकर चले गए और रात को आने पर माफी मांग ली। उसके बाद उसके पिता शाम को शराब पीकर आते और रात को मेरे साथ दुष्कर्म करते। एक दिन मेरे पेट में दर्द हुआ। पिता मेरे को सिविल अस्पताल में ले गए और अल्ट्रासाउंड कराया।
डॉक्टर ने रिपोर्ट देखकर मेरे को गर्भवती बता दिया। पिता बिना दवाई दिलाए मेरे को घर ले गए। फिर एक गोली लेकर आए और मेरे को जबरदस्ती खिला दी। उससे मेरा गर्भपात हो गया। फरवरी 2019 में मेरी मां घर आ गई। पिता ने उनको मारपीट कर नवंबर में फिर घर से निकाल दिया। मैं भी बहन के साथ मामा के यहां पहुंच गई। मां ने पूछा तो आपबीती बता दी। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया था।