हिसार। हिसार शहर की पहली प्राइवेट लाइसेंस शुदा कॉलोनी में आशियाना खरीदनेे वाले लोगों को 12 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। इन लोगों को बोरवेल के पानी की आपूर्ति की जा रही है। सीवरेज ओवरफ्लो हो रहे हैं। बिजली का भी अपना अलग कनेक्शन नहीं है।
मारवल सिटी आरडब्ल्यूए के प्रधान बजरंग सोनी ने बताया कि वर्ष 2007 में यह कालोनी विकसित की गई थी। 2010 के बाद यहां आवास बनने लगे थे। दस साल से लोग यहां रह रहे हैं। करीब 650 प्लॉट काटे गए हैं। इसके अलावा बीपीएल परिवारों के लिए 650 फ्लैट बनाए गए हैं। फिलहाल करीब 200 से अधिक परिवार यहां अपना मकान बनाकर रह रहे हैं। इन लोगों को प्लाट देते समय सड़क, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क, सामुदायिक केंद्र सहित अन्य सुविधाओं का वादा किया गया था।
करीब 12 साल बाद भी कालोनी में मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा रही। अब भी लोगों को बोरवेल का पानी दिया जा रहा है। यह पानी खराब होने के कारण लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। पानी में इतना टीडीएस है कि इसके कारण लोहे के उपकरण तक खराब हो रहे हैं।
पहले आरओ सिस्टम लगाकर पानी को शुद्ध किया जाता था। अब वह आरओ प्लांट भी नहीं चल रहा। सीवरेज लगातार ओवरफ्लो होता रहता है। कालोनी के लोगों को अपने घर तक जाने के लिए गलत दिशा में चल कर जाना पड़ता है। एनएच से इस कालोनी को कोई कट नहीं दिया गया।
इस कालोनी के निवासी रामचंद्र, भजनलाल, महाबीर सिंह, सत्यवान, राजेश गंगवा, मनोज तंवर, सुनील कुमार, शिव कुमार, रामभगत बूरा ने बताया कि इस कालोनी में सुविधाओं के नाम पर छलावा किया गया है। सरकार की ओर से लाइसेंसशुदा कालोनी होने के बाद भी नागरिकों की सुनवाई नहीं हो रही। हम डीसी से लेकर मंत्री तक सभी को अपनी समस्या सुना चुके हैं।
मंत्री के आदेश पर भी कुछ नहीं हुआ
पिछले लंबे समय से यह मामला जन परिवाद समिति की बैठक में उठाया जा रहा है। वर्ष 2022 में इस समिति के चेयरमैन के तौर पर बिजली मंत्री ने कई बार सुविधाएं उपलब्ध कराने आदेश दिए। 13 जनवरी 2023 को गृहमंत्री अनिल विज ने कोलोनाइजर को गिरफ्तार करने आदेश दिए थे। मंत्री ने 13 की शाम तक ही गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे।
पानी के सैंपल भरे, कालोनीवासियों को पता नहीं
कालोनीवासियों ने बताया कि मंत्री अनिल विज ने पानी के सैंपल भरने के आदेश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल भरने की बात कही है। उन्होंने कहां से सैंपल भरे हमें कोई जानकारी नहीं है। हमें स्वास्थ्य विभाग ने कोई सूचना नहीं दी।