हिसार। एडीजे अमित सहरावत की अदालत ने पत्नी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के दोषी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी कन्हैया लाल निवासी लोहा रतनगढ़ (राजस्थान) पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। बुधवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया था।
पुलिस को दी शिकायत में राजस्थान जिला हनुमानगढ़ के चक निवासी अजय ने बताया था कि उसकी बहन विद्या की शादी वर्ष 2006 में चूरू जिले के लोहा निवासी कन्हैया लाल के साथ हुई थी। उसका जीजा कन्हैया लाल नशे का आदी था। वह अक्सर बहन से मारपीट करता, इस बारे में कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन आरोपी बाज नहीं आया। दो साल पहले उसकी बहन और जीजा हिसार के विकास नगर में झुग्गी झोपड़ी में रहने लगे। 10 दिसंबर को रिश्तेदार अशोक ने फोन कर हमें सूचना दी कि विद्या ने फंदा लगा लिया और कन्हैया अपने रिश्तेदारों के साथ शव को लोहा गांव ले गया है। पता चलने पर उन्होंने रतनगढ़ पुलिस थाना में शिकायत दी। पुलिस लोहा गांव पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रतनगढ़ के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। रतनगढ़ पुलिस ने हिसार शहर थाना पुलिस से संपर्क किया और 11 दिसंबर 2020 को शहर थाना में कन्हैया लाल के खिलाफ केस दर्ज किया था।