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Hisar News: धतरवाल अस्पताल में पत्नी के गर्भ में भ्रूण लिंग जांच कराने वाला गिरफ्तार

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(हिसार)। धतरवाल अस्पताल में पिछले साल गर्भवती पत्नी के भ्रूण लिंग जांच करवाने के मामले में पुलिस ने आरोपी पति धनाना निवासी संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में चल रही एक जांच के दौरान संदीप व उसकी पत्नी माया का नाम सामने आया था। इस मामले में चार आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं।
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बीते नवंबर में पुलिस ने डॉक्टर उर्मिल धतरवाल व अन्य के खिलाफ भ्रूण लिंग जांच का मामला दर्ज किया था। इस मामले में जांच कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम पीएनडीटी के सामने एक महिला ऋतु के बयान दर्ज किए गए थे। ऋतु ने बताया था कि 7 जून 2022 को उसके अलावा गांव धनाना निवासी माया के भी गर्भस्थ शिशु की भ्रूण लिंग जांच हुई थी। उसे व्हाट्सएप के जरिए रिपोर्ट निगेटिव यानी लड़की होना बताया गया था। इसके बाद उसे जांच के लिए फिर से बुलाया गया था। टीम द्वारा इस मामले की जांच की गई और मोबाइल के रिकॉर्ड भी खंगाले गए, जिसमें कुछ सबूत मिले। अब पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए संदीप को गिरफ्तार किया है।
जुलाई में सील हुई थी मशीन
जन्म से पहले भ्रूण लिंग जांच होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जुलाई 2022 में धतरवाल अस्पताल में छापा मारा था। उस दौरान अस्पताल की दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम में इंचार्ज व पीएनडीटी एक्ट के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रभु दयाल, डॉ. कामिद मोंगा, अंकित, अजय उस कार्रवाई में शामिल थे। डॉ. प्रभु दयाल ने बताया था कि अस्पताल में 2-3 बिचौलियों के माध्यम से लोग आते थे। आम ओपीडी पर्ची की तरह ही जांच की जाती थी।
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इसके 10 से 15 दिन के बाद परिजनों को बताया जाता था कि लड़का होगा या लड़की। बिचौलिए जांच के लिए 40 से 70 हजार रुपये लेते थे। इस खेल का पर्दाफाश करने के लिए टीम ने नकली ग्राहक तैयार किया गया था। पुलिस ने डॉ. प्रभुदयाल की शिकायत पर डॉ. उर्मिल धतरवाल के खिलाफ पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। एक अन्य मामला नवंबर महीने में भी दर्ज किया गया था।
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