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केवल 8300 मिले थे टीके, आज खत्म हो जाएंगे

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हिसार। पशुओं में फैल रहे लंपी वायरस की रोकथाम के लिए टीकाकरण कारगर उपाय है। कई साल पहले खोजी गई गोट पॉक्स वैक्सीन इस बीमारी को रोकने में सक्षम है, लेकिन आश्चर्यजनक यह है कि जरूरत भर के टीके ही उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। हिसार जिले को मिली वैक्सीन की 8300 डोज में 6300 डोज शुक्रवार को पशुओं को लगाई गई। अब सिर्फ 1500 डोज शेष हैं जो शनिवार को पशुओं को लगाई जाएगी। वहीं, पशुपालन विभाग ने अब एक लाख डोज की डिमांड भेजी है।
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पशुओं में फैली लंपी बीमारी बेकाबू हो चुकी है। पड़ोसी राज्य राजस्थान में ऊंट व घोड़ों में भी बीमारी के लक्षण मिले हैं तो वहीं हरियाणा के यमुनानगर समेत कई जिलों में भैंस भी संक्रमित हो चुकी हैं। ऐसे में हिसार जिले के पशुओं पर संकट मंडरा रहा है। जिले में चार गोशाला व पांच गांवों में कुल 173 पशु लंपी बीमारी की चपेट में आ भी चुके हैं। बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने पिछले सप्ताह एक लाख डोज गोट पॉक्स वैक्सीन (हेटेरोलॉगस) की डिमांड भेजी थी। इसके सापेक्ष अभी तक वैक्सीन की 8300 डोज ही मिल पाई हैं।
हांसी राजकीय पशु अस्पताल के सर्जन डॉ. सुधीर मलिक ने बताया कि उनके अस्पताल को जो टीके मिले थे, उनकी अधिकांश डोज पशुओं को लगाई जा चुकी है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक श्रीभगवान ने बताया कि जिन क्षेत्रों में पशु बीमार पड़े हैं, वहां पहली प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया गया है। शुक्रवार की शाम तक 6500 पशुओं का टीकाकरण करा दिया गया था। शेष बचे टीके भी शनिवार की दोपहर तक लगा दिए जाएंगे। उप निदेशक ने बताया टीकों के लिए राज्य मुख्यालय से संपर्क किया गया है।
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विशेष वैक्सीन को अभी अनुमति का इंतजार
राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार की अगुवाई वाली टीम ने लंपी पॉक्स बीमारी की रोकथाम के लिए जिस खास वैक्सीन लंपी प्रोवैक आईएनडी की खोज की है, अभी उसका व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन नहीं हो रहा है। इसकी अनुमति का मामला कृषि मंत्रालय के स्तर पर विचाराधीन है। अश्व अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने डेढ़ लाख डोज तैयार की हैं, जिसका उपयोग इसके तृतीय परीक्षण के लिए किया जा रहा है। अश्व अनुसंधान केंद्र निदेशक डॉ. यशपाल ने बताया कि लंपी प्रोवैक आईएनडी का टीका शत प्रतिशत सुरक्षित है। इसका व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन एवं टीकाकरण शुरू होने पर बीमारी को नियंत्रित करने में आसानी होगी।
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