हिसार। लंपी बीमारी का प्रकोप ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को भी जिले के आठ गांवों में 28 नए पशु इस बीमारी से संक्रमित मिले हैं। अब तक 439 पशु लंपी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 299 केस ग्रामीण क्षेत्र के हैं जबकि 140 पशु गोशालाओं में संक्रमित मिले हैं।
बता दें कि जिले में एक लाख 6 हजार गोवंश हैं, जिनमें से 51 हजार गोवंश 56 गोशालाओं में तथा 55 हजार ग्रामीण पशुपालकों के पास हैं। करीब महीने भर पहले अग्रोहा की गोशाला में लंपी का पहला केस मिला था। इसके बाद से अब तक हर दिन नए मामले आ रहे हैं। पशुपालन विभाग के उप निदेशक श्रीभगवान बिश्नोई ने बताया कि शनिवार को भी 28 नए मामले आए हैं। ये केस आठ गांवों चूली बागड़ियान, दड़ौली, खारा बरवाला, सदलपुर, मुकलान, देवा, कालावास और गावड़ गांव में पाए गए हैं। इससे पहले शुक्रवार को भी आठ गांवों में 50 केस मिले थे। अब संक्रमित कुल गांवों की संख्या 46 हो गई है। इसके अलावा पांच गोशालाओं में भी संक्रमित केस मिल चुके हैं। अब तक 301 पशु स्वस्थ भी हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि जिले में एक भी पशु की मौत इस बीमारी से अब तक नहीं हुई है।
अब तक 74812 पशुओं का हो चुका है टीकाकरण
हिसार। लंपी बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए चलाए गए टीकाकरण अभियान ने जोर पकड़ लिया है। पशुपालन विभाग की 86 टीमों के अलावा लुवास की सभी टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। उपनिदेशक पशुपालन श्रीभगवान बिश्नोई ने बताया कि पहले पशुओं को तीन एमएल की डोज दी जा रही थी, जिसे घटाकर अब एक एमएल कर दिया गया है। इस वजह से अब टीकाकरण के लिए एक लाख 35 हजार डोज उपलब्ध है। अब तक कुल 74812 गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा अभी 60188 डोज उपलब्ध हैं। जिले में एक लाख 6 हजार गोवंश चिह्नित हैं। इनका टीकाकरण पूरा हाने के बाद लावारिस पशुओं का भी टीकाकरण किया जाएगा।